दरभंगा में इस बार का मुकाबला दिलचस्प ,14 नवम्बर को तय होगा दिग्गजों का भाग्य, महिलाएं बन सकती हैं ‘गेम चेंजर’

दस्तक 7मीडिया /संजय कुमार राय 

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 अब अंतिम पड़ाव पर है। बस दो दिन बाद यानी 14 नवम्बर को मतगणना के साथ प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला हो जाएगा। सभी दलों में जीत को लेकर जोरदार दावे किए जा रहे हैं , कहीं एनडीए आत्मविश्वास से लबरेज है तो कहीं महागठबंधन अपने पक्ष में लहर बताकर जीत का दावा कर रहा है। वहीं, जनता की अदालत ने फैसला “मतपेटी” में सुरक्षित रख दिया है।

एनडीए बनाम महागठबंधन , मैदान में जन सुराज भी तीसरे मोर्चे के रूप में सक्रिय

दरभंगा जिले की दस विधानसभा सीटों पर इस बार मुकाबला त्रिकोणीय माना जा रहा है। एनडीए और महागठबंधन के बीच सीधा संघर्ष के साथ ही जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी भी कई सीटों पर मुकाबले को रोचक बना रहे हैं। हालांकि किसी भी सीट पर जन सुराज के प्रत्याशी की जीत की संभावना नहीं दिख रही है, लेकिन वोट शेयर में उनकी उपस्थिति ने समीकरण बिगाड़े हैं।

 महिलाओं का ‘मौन वोट’ बन सकता है निर्णायक

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पक्ष में महिलाओं का बड़ा वोट बैंक काम कर सकता है। “मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना” के तहत महिलाओं के खाते में सीधे 10,000 की राशि और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से 2 लाख तक की सहायता ने महिला वोटरों को एनडीए की ओर आकर्षित किया है।
यह “चुप्पा वोटर” चुनावी गणित को पूरी तरह बदल सकता है।

जेडीयू के लिए उत्साहजनक संकेत, बीजेपी की सीटों में कमी संभव

राज्य-स्तर पर विश्लेषण करें तो रिपोर्टों के मुताबिक जेडीयू की सीटों में बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। वहीं भाजपा की सीटें थोड़ी घट सकती हैं, लेकिन एनडीए बहुमत में रहेगा और नीतीश कुमार के फिर से मुख्यमंत्री बनने के आसार मजबूत हैं।

दरभंगा जिले में समीकरण जटिल ,बड़े नामों की साख दांव पर

दरभंगा जिले की दस सीटों में पिछले चुनाव में राजद को मात्र एक सीट मिली थी, जबकि एनडीए ने नौ सीटों पर कब्जा जमाया था। इस बार तस्वीर बदली हुई है।ग्रामीण क्षेत्रों में मुकाबला कड़ा है।

ग्रामीण और शहरी मतदाताओं और पत्रकारों के फील्ड इनपुट के अनुसार 

“अगर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र से ललित यादव हार भी जाते हैं, तब भी महागठबंधन की सीटों में इजाफा संभव है।”लेकिन यह बात भी दावे से नहीं कहा जा सकता ।

एनडीए के कई दिग्गज नेताओं की सीटें इस बार कड़ी टक्कर में हैं। कहां पर कौन गिरता है और कौन संभलता है, इसका फैसला अब जनता के वोट से होगा।

मतगणना 14 नवम्बर को , शाम तक साफ हो जाएगी पूरी तस्वीर

14 नवम्बर की सुबह से ही मतगणना के साथ राजनीतिक पारा चढ़ेगा। शाम तक यह साफ हो जाएगा कि“इस चुनाव में जीत का सेहरा किसके सिर बंधेगा यह दावे से कोई कह नहीं सकता ,सभी प्रत्याशी को लग रहा हे कि हम जीत रहें हे।