दशकों बाद उग्रवाद प्रभावित इलाकों में गूंजा लोकतंत्र का जयघोष , भयमुक्त माहौल में शांतिपूर्ण मतदान संपन्न
दशकों बाद उग्रवाद प्रभावित इलाकों में गूंजा लोकतंत्र का जयघोष , भयमुक्त माहौल में शांतिपूर्ण मतदान संपन्न
दशकों बाद उग्रवाद प्रभावित इलाकों में गूंजा लोकतंत्र का जयघोष , भयमुक्त माहौल में शांतिपूर्ण मतदान संपन्न
दस्तक 7मीडिया /
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे चरण का मतदान मंगलवार को राज्य के 122 सीटों पर शांतिपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम और सख़्त निगरानी के चलते उग्रवाद प्रभावित इलाकों में भी मतदाता भयमुक्त होकर अपने मताधिकार का प्रयोग करते दिखाई दिए।
गया जिले के इमामगंज विधानसभा क्षेत्र के जंगली एवं पहाड़ी इलाकों में स्थित छकरबंधा थाना अंतर्गत ग्राम पिछुलिया में दशकों बाद पहली बार ग्रामीण अपने मूल स्थल पर मतदान केंद्र तक पहुँचे और लोकतंत्र के इस पर्व में उत्साहपूर्वक शामिल हुए।
इसी तरह, जमुई जिले के बरहट थाना क्षेत्र के चोरमारा गांव में भी ग्रामीणों ने वर्षों बाद मतदान किया। सघन सुरक्षा व्यवस्था और शांतिपूर्ण माहौल में मतदाताओं का उत्साह देखते ही बन रहा था।
वहीं रोहतास जिले के रेहल प्रखंड के कोरहाॅस बूथ पर भी 2001 के बाद पहली बार मतदान संपन्न हुआ। दोपहर 1 बजे तक यहां लगभग 40 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
उधर, बगहा जिले में बिहार पुलिस एवं एसडीआरएफ की टीम नाव से लगातार गश्ती करती रही ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके।
राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर पुलिस, अर्धसैनिक बल एवं स्थानीय प्रशासन की तत्परता से मतदान प्रक्रिया सुचारू रूप से चली। बिहार ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि“लोकतंत्र का उत्सव भय पर भारी है!”