जिला प्रशासन शत प्रतिशत मतदान के लिए जागरूकता रथ, नुक्कड़ ,जीविका व आशा द्वारा डोर टू डोर जागरूकता सहित अन्य गतिविधियों का सहारा ले रहा है। जिले के चार विधानसभा में 11 नवंबर को मतदान होना है। लेकिन शत प्रतिशत मतदान में प्रशासनिक की अनदेखी भी बाधक बन रही है।
पर्दानशीं महिलाओं की पहचान के लिए सेविका सहायिकाओं की ड्यूटी बूथों पर लगाई गई है। कई सेवकाओं की ड्यूटी उनके बूथ से दूर दूसरे पंचायत में लगी है। ऐसी सेविकाओं के लिए प्रशासन मतदान करने की कोई व्यवस्था नहीं उपलब्ध करा पाया है। अधिकारियों की इस चूक से अब वे मताधिकार से वंचित हो सकती हैं।
सेविकाओं ने बताया कि जिस मतदान केंद्र पर वे वोटर हैं, वहां से उनकी ड्यूटी कई किलोमीटर दूर दूसरे मतदान केंद्र पर लगाई गई है। इन्हें मतदान दिवस को प्रातः 6 बजे बूथ पर पहुंचने का आदेश मिला है। ऐसे में सरकारी कर्मियों की तरह उनके लिए वोट डालने की व्यवस्था निर्वाचन आयोग की ओर से नहीं कराया गया है।
ऐसे में सैंकड़ों सेविका सहायिका मताधिकार से वंचित रह जाएंगी। जबकि स्विप गतिविधि के तहत सेविकाओं ने लगातार क्षेत्र में मतदाताओं को वोट के लिए जागरूक किया है।
परियोजना की सेविका पूनम झा के अनुसार उनकी ड्यूटी उनके पंचायत से बाहर कई किलोमीटर दूर डोहर पंचायत के महादेव दिघी से पलासमनी पंचायत में लगाई गई है। वहीं, बहादुरगंज बाजार की सेविका की ड्यूटी 10 किलोमीटर दूर के बूथ पर है। इस मामले में सीडीपीओ रेखा कुमारी ने बताया कि सेविका एवं सहायिकाओं की सूची जिला निर्वाचन कार्यालय को उपलब्ध कराई गई थी। वहीं, सबकी प्रतिनियुक्ति की सूची उपलब्ध कराई गई है। ऐसे में वे क्या कर सकतीं हैं।
