वाल्मीकि आश्रम में उमड़े श्रद्धालु। भदोही जनपद के सीतामढ़ी स्थित महर्षि वाल्मीकि आश्रम और श्री सीता समाहित स्थल पर आज शनिवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व के कारण यहां भक्त दर्शन-पूजन के लिए पहुंचे। यह स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यहीं पर माता सीता धरती में समाहित हुई थीं और यहीं पर उनके पुत्रों लव-कुश का जन्म हुआ था। यह महर्षि वाल्मीकि का आश्रम भी है, जो लव और कुश के जन्मस्थान के रूप में प्रसिद्ध है।
आश्रम परिसर में एक प्राचीन वट वृक्ष भी मौजूद है, जिसे अक्षयवट के नाम से जाना जाता है। इस धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व के कारण हर साल लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं। सामान्य दिनों की तुलना में शनिवार और रविवार जैसे विशेष दिनों पर भक्तों की संख्या में और भी अधिक वृद्धि देखी जाती है। आज शनिवार को भी बड़ी संख्या में भक्त पूजा-अर्चना करने पहुंचे। सीतामढ़ी के पुजारी महेश्वर प्रसाद शास्त्री ने बताया कि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने मां जानकी को पूरी-सब्जी का भोग लगाया।
