दरभंगा /संजय कुमार राय
जिले मे पत्रकारों की कार्यशैली को लेकर तरह तरह की चर्चे हो रहें हैं।आपकी यह कार्यशैली सही हैं या कितना गलत हैं ?आपसे बेहतर कोई समझ नहीं सकता ?
अब हम शुक्रवार की देर रात हुई घटना के बारे मे चर्चा करना चाह रहें हैं। लहेरियासराय थाना क्षेत्र के करमगंज मुहल्ले अंतर्गत काजीपुर मुहल्ले मे बीमारी के कारण हुई मौत के मामले मे वहां अफवाह फैला दी गई कि उक्त महिला की मौत गला रेतकर हुई हैं। इस अफवाह के बाद मुहल्ले मे अफरा तफरी का माहौल हो गया। लहेरियासराय पुलिस को बड़ी मशक्कत करनी पड़ी। बाद मे उक्त महिला के परिजन सामने आये और कहा कि उसकी मौत सीढ़ी पर गिरने से हुई। इस दौरान उक्त महिला के मुंह से खून भी बाहर आ गया था। बताया जा रहा हैं कि ब्लड प्रेसर अधिक हो जानें के कारण उनकी मौत हुई।
लेकिन अफवाह यह था कि गला रेतकर हत्या की गई हैं।
पुलिस ने इस घटना के बारे मे विस्तृत जानकारी जुटाई तो पता चला कि यह अफवाह किसी पत्रकार ने ही उड़ाया था जिसके कारण इतना हंगामा हुआ और पुलिस को इतनी मशक्कत करनी पड़ी।
इसी तरह हाल के दिनों मे मुहर्रम के दौरान खुद को पत्रकार बताने वाले सज्जन गलत खबर चला दिये थे।इसका कुप्रभाव समाज मे दिखाई पड़ा और परिणाम गलत हुआ।इस कारण पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की और उन्हें जेल की सलाखों मे भेज दिया।
हाल के दिनों मे सदर थाना क्षेत्र के आजम नगर मुहल्ले मे नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह को पुलिस ने जेल भेजा था इस मामले मे कई नेपाली लड़के ने उस कंपनी के विरुद्ध शिकायत की थी। अब आजमनगर के मुहल्ला से सूचना मिल रही हैं कि जिस जिस मकान मे नेपाली लड़के भाड़े पर रह रहें थे उन मकान मालिकों के यहां कुछ पत्रकार पहुंचकर उसे डरा धमकाकर नाजायज वसूली कर रहें हैं।कहते हैं कि आप भी गुनेह्गार हैं।
कई ऐसी घटनाएं हैं जिसमें पत्रकारों के नाम सामने आ जाते हैं और फैजीहत हो जाती हैं और पूरा पत्रकार समाज बदनाम होता हैं।एक समय था जब पत्रकार कहने मे शर्मिंदगी महसूस नहीं होती थी अब यह शर्मिंदगी महसूस होती हैं।
“मैं पत्रकार हुं “यह बोलकर हम कहीं जाते थे तो जिला ,प्रखंड ,अनुमंडल व जिला स्तर के पदाधिकारी कितना सम्मान देते थे वह विभाग चाहे कोई भी हो। लेकिन अब ठीक इसके विपरीत हैं। हमें गलत निगाहों से देखा जाता हैं। हम कहीं जाते हैं या वहां से आते हैं ,ठीक उसके बाद हमें तरह तरह के नामों से संबोधित किया जाता हैं।
और …….अब खुद को पत्रकार कहने मे भी शर्म आती हैं। वजह हम ही हैं। थाना ,अनुमंडल ,जिला स्तर के पदाधिकारी के यहां अब हम जाते हैं तो पत्रकारिता का उदेश्य कम ,बस मतलब साधने लग जाते हैं और संबंध बनाने का प्रयास करते हैं ॥
वास्तव मे देखा जाय तो एक पदाधिकारी या किसी कर्मी से संबंध बनाना हमारे कार्य के दायरे मे हैं लेकिन सच्ची पत्रकारिता तब होती हैं कि हम उनकी बड़ाई को यानि उनकी उपलब्धि को सार्वजनिक कर रहें हैं तो उनकी बुराई को भी सामने लाना हमारे कर्तव्यों मे हैं।जो हम आप नहीं करते हैं।
हमें जो करना चाहिये हम वैसा नहीं कर रहें हैं। इस पेशे को धंधा बनाकर सारे गलत कामों मे हम उलझ जाते हैं जो कतई ठीक नहीं हैं। कमाने के लिये इस धंधा मे आये हैं तो इस पेशे को बदनाम मत कीजिये और भी धंधे हैं कीजिये।
कई पत्रकार इन दिनों थाने पर दिन रात मिल जाते हैं। पता चलता हैं कि थाने मे हुये मामले या अन्य मामले मे उनकी सहभागिता हैं।यहां तक कि कुछ पत्रकार उनकी दलाली मे लग जाते हैं और वहां से यह कौम बदनाम होता हैं।
यही नहीं लेनदेन कर अपनी जुगत बैठाते हैं।
खैर ,अफवाह फैलाने जैसी बात हमारे पत्रकारिता के दायरे मे नहीं हैं। हम समाज को जोड़ते हैं ,उनके लिये हम पूरे सिस्टम से लड़ते हैं। उन्हें जब कहीं न्याय नहीं मिलता तो उनकी नजरों मे बस हम आते हैं। समाज का एक विश्वास हम पर हैं। जिस पर हमें खड़ा उतरना हैं और इस तरह से किया हुआ काम हमें समाज मे इज्जत दिलाता हैं। हमारी गरिमा बढ़ती हैं। हमपर लोंगों का विश्वास बढ़ता हैं। हम ना पुलिस हैं ,ना ही कोई प्रशासनिक पदाधिकारी हैं ,ना हम कोई चुने हुये प्रतिनिधि हैं कि हम कोई फैसला सुना दें।
हमारे कार्यों का तरीका अलग हैं ,मगर इतना सटीक हैं ,कि हमारे आगे कोई दूसरा टिक नहीं सकता। इसके लिये आपके बेहतर कार्यशैली से गुणवत्ता आयेगी। और यही कारण हैं कि हम किसी श्रेणी मे नहीं हैं ,लेकिन हमें चौथे स्तंभ के श्रेणी मे रखा गया हैं। इस चौथे स्तंभ की श्रेणी को समझिये और अपनी ताकत खुद मे समेटिये फिर पता चलेगा कि आप कितने ताकतवर हैं। इसके लिये सौम्य ,उदार हृदय के अलावे साहस का होना जरूरी हैं। आप जब समाज के भीतर इन गुणों को लेकर प्रवेश करेंगे तो पता चलेगा कि आपके पीछे कितने लोग हैं जो आपको भी पता भी नहीं होगा।
अंत मे यही कहेंगे कि पत्रकारिता के गरिमा को बचाईये और साफ सुथरी छवि से काम कीजिये ,दलाल मत बनिये ,पत्रकार बनिये।
आपकी झूठी अफवाहों से व्यवस्था चरमराती हैं और समाज मे कलह भी पैदा होता हैं।
झूटी अफवाह पर हुई परेशान पुलिस ने आप पर सनहा दर्ज कर दिया हैं। समय रहते संभल जाईये।
