कैमूर के मोहनिया स्थित चांदनी चौक पर जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर का स्वागत किया गया। इस दौरान सैकड़ों समर्थकों ने फूल-मालाओं से उनका अभिनंदन किया।
मंच से उन्होंने बिहार के लोगों से अपने भविष्य की बागडोर स्वयं संभालने और ईमानदार, योग्य प्रत्याशी को विधानसभा भेजने का आह्वान किया। प्रशांत किशोर ने जनसुराज प्रत्याशी गीता पासी के समर्थन में कहा कि यदि उनका उम्मीदवार पसंद न आए, तो उससे भी बेहतर को वोट दें, लेकिन किसी ‘चोर या बदमाश’ को नहीं। उन्होंने जनता को आगाह किया कि गलत चुनाव का खामियाजा अंततः आम लोगों को ही भुगतना पड़ता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बिहार को नारों की नहीं, बल्कि ठोस नीतियों और युवाओं के लिए वास्तविक अवसरों की आवश्यकता है। पीके की सभा में लोगों की भीड़।
पीके की सभा में लोगों की भीड़। 12 हजार मासिक रोजगार के मिलेंगे अवसर प्रशांत किशोर ने बिहार में व्याप्त भ्रष्टाचार, यातायात जाम, कमजोर शिक्षा प्रणाली और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जनसुराज का उद्देश्य इन समस्याओं की जड़ तक पहुंचकर उनका समाधान करना है। उन्होंने यह भी वादा किया कि जनसुराज की सरकार बनने पर युवाओं को घर के आसपास ही 10-12 हजार रुपए मासिक रोजगार के अवसर मिलेंगे, जिससे उन्हें पलायन नहीं करना पड़ेगा। जाति-धर्म के आधार पर वोट न देने की अपील उन्होंने मतदाताओं से पैसे और जाति-धर्म के आधार पर वोट देने की परंपरा को समाप्त करने का आग्रह किया।
प्रशांत किशोर ने कहा, “जो बोएंगे वही काटेंगे, इसलिए इस बार सोच-समझकर वोट दीजिए।” उन्होंने लोगों से परिवार और बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए समझदारी से मतदान करने और एक स्वच्छ, विकासोन्मुख बिहार की दिशा में कदम बढ़ाने की अपील की। सभा स्थल पर युवाओं, महिलाओं और किसानों की बड़ी संख्या में भीड़ मौजूद थी, जिन्होंने ‘जनसुराज जिंदाबाद’ के नारे लगाए। सभा समाप्त करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि अब बदलाव का समय आ गया है। उन्होंने दोहराया कि बिहार को नई सोच और नई राजनीति की आवश्यकता है, और यही जनसुराज का मुख्य लक्ष्य है।
