पर्यावरण संरक्षण को अमरीश कर रहे जागरूक … अमरीश आए दिन सामाजिक कार्यों में हिस्सा लेते रहते हैं तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए भी कार्य करते रहते हैं। अवेयरनेस के लिए प्रतियोगिता कराते हैं। चाहे प्लास्टिक मुक्त भारत हो पर्यावरण संरक्षण हो। पशु पक्षियों के बचाव के लिए हो या फिर बिहार और भारत सरकार की कोई भी मुहिम हो उसे अपनी कला के द्वारा जन जन तक पहुंचाने की कार्य करते रहते हैं।
कैमूर जिले में युवाओं को निःशुल्क चित्रकला यानी ड्राइंग से युवाओं को जोड़ रहे हैं। इसके लिए वे समय-समय पर कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं और अधिक से अधिक युवाओं को आयोजित कार्यक्रम में चित्रकला और आकृति बनाने का गुर सीखते हैं। दरअसल, अमरीश मूल रूप से भगवानपुर प्रखंड अंतर्गत मझिआंव गांव के हैं।
यहीं के एक मझोले किसान परिवार में जन्में अमरीशपुरी तिवारी जब चौथी कक्षा में थे,तभी से इनकी रूचि ड्राइंग में जगी। फिर क्या, इनके सपनों को पंख लगे और आज अमरीश कला एवं शिल्प के क्षेत्र में ऊंचाई के साथ अपने गृह जिले ही नहीं वरन बिहार के कई जिलों में नाम कमा रहे हैं। अमरीश के हाथों उकेरी गई कला एवं शिल्प की आकृतियां कैमूर जिले के पर्यटक स्थल के रूप में विकसित किए जा रहे करकतगढ़ जलप्रपात आदि जगहों पर देखी जा सकती है।
