मोकामा में चुनावी गोलियों की गूंज: जन सुराज समर्थक की हत्या से गरमाया सियासी मैदान,मोकामा का सियासी मैदान बन गया जंग का अखाड़ा ?वर्चस्व की लड़ाई में डर का माहौल?

दस्तक 7मीडिया /संजय कुमार राय 

बिहार की सियासत एक बार फिर खून से रंग गई। मोकामा विधानसभा क्षेत्र में गुरुवार शाम चुनाव प्रचार के दौरान जन सुराज पार्टी के समर्थक दुलारचंद यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह वारदात घोसवरी इलाके में उस वक्त हुई जब जन सुराज उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी और जेडीयू प्रत्याशी अनंत सिंह के काफिले आमने-सामने आ गए। कुछ ही देर में दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं में भिड़ंत हुई और गोलियां चल गईं।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दुलारचंद को गोली मारने के बाद उनके ऊपर गाड़ी भी चढ़ा दी गई। घटनास्थल पर अफरातफरी मच गई और इलाके में तनाव फैल गया। फिलहाल पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात है। मोकामा में 6 नवंबर को मतदान होना है, ऐसे में इस वारदात ने चुनावी माहौल में आग लगा दी है।

पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि मौत के सही कारणों की जांच चल रही है। शव पुलिस को नहीं सौंपे जाने से स्थिति स्पष्ट नहीं है कि मौत गोली से हुई या दुर्घटना से।

लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला”जन सुराज पार्टी

जन सुराज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने कहा,“यह हमला लोकतंत्र पर सीधा वार है। जंगलराज का डर दिखाकर वोट मांगने वाले ही अब गोलियों से मैदान में हैं। हमारे उम्मीदवार प्रियदर्शी पीयूष के काफिले पर हमला और समर्थक की हत्या जघन्य अपराध है।”

अनंत सिंह बोले – “हम पर हमला हुआ, RJD के सूरजभान जिम्मेदार”

जेडीयू उम्मीदवार अनंत सिंह ने कहा कि जब वह मोकामा टाल में प्रचार कर रहे थे, तभी विरोधियों ने उनके काफिले पर हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि RJD उम्मीदवार वीणा देवी के पति सूरजभान सिंह इसमें शामिल हैं।
अनंत सिंह ने सफाई दी कि “जब वारदात हुई, मैं उस जगह से काफी आगे निकल चुका था।”

हत्यारे अनंत के लोग थे” – प्रियदर्शी का आरोप

जन सुराज प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी ने कहा कि अनंत सिंह मौके पर नहीं थे, लेकिन गोलियां चलाने वाले उनके ही लोग थे। उनके मुताबिक,“पहले दुलारचंद के पैर में गोली मारी गई, फिर गाड़ी चढ़ाकर कुचल दिया गया।”

तेजस्वी यादव का वार

RJD नेता तेजस्वी यादव ने कहा,“आचार संहिता के दौरान लोग हथियार लेकर कैसे घूम रहे हैं? यह हत्या कानून-व्यवस्था की पोल खोलती है। प्रधानमंत्री को बताना चाहिए कि यह कौन सा ‘राज’ है — सुशासन या जंगलराज 2.0?”

मोकामा में तनाव चरम पर

मोकामा चुनाव अब सिर्फ वोट की नहीं, साख की लड़ाई बन गया है। एक तरफ गोलियों की गूंज, दूसरी तरफ बयानबाज़ी की बौछार , मोकामा इस वक्त बिहार की सियासी जंग का सबसे गरम मोर्चा बन गया है।

सांसद पप्पू यादव ने क्या कहा

चर्चित नेता व सांसद पप्पू यादव ने कहा दुलारचंद की हत्या मोकामा के पुराने दिन को लौटा दिया हें उन्होंने कहा कि सुशासन हें या फिर कुशासन।कहा कि घटना स्थल पर तैनात दोनों प्रत्याशी के सुरक्षा गार्ड कहाँ गये ,सुरक्षा गार्ड तों पूरे घटना क्रम के पोल को उजागर कर देगा ,पुलिस को सुरक्षा गार्ड से पूछताछ करनी चाहिये।उन्होंने कहा कि एनडीए गठबंधन के बड़े नेताओं को बताना चाहिये कि हत्या के जिम्मेवार कौन हें ,क्या उन्हें जीत हासिल करने के लिये लाशों से गुजरना आवश्यक हें ?कई बाहुबली उनके समर्थक हें और चुनाव लड़ रहें हें ,ऐसे में क्या समझा जाय ?