गौरा बौराम में ‘महागठबंधन’ का अंदरूनी घमासान हुआ उजागर, तेजस्वी-मुकेश सहनी ने VIP उम्मीदवार को दिया समर्थन
गौरा बौराम में ‘महागठबंधन’ का अंदरूनी घमासान हुआ उजागर, तेजस्वी-मुकेश सहनी ने VIP उम्मीदवार को दिया समर्थन
गौरा बौराम में ‘महागठबंधन’ का अंदरूनी घमासान हुआ उजागर, तेजस्वी-मुकेश सहनी ने VIP उम्मीदवार को दिया समर्थन
दस्तक7मिडिया, अमीत झा, गौड़ा बौराम।
बहुचर्चित गौरा बौराम विधानसभा सीट (79) पर गुरुवार, को महागठबंधन की चुनावी जनसभा ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। इस सीट पर घटक दलों के बीच जारी कशमकश को खत्म करते हुए, राजद नेता तेजस्वी यादव और वीआईपी सुप्रीमो मुकेश सहनी ने एक ही मंच से वीआईपी के प्रत्याशी संतोष साहनी को महागठबंधन का आधिकारिक उम्मीदवार घोषित कर दिया। इस दौरान सभा में उपस्थित अफजल अली खान के समर्थकों ने जम कर नारेबाजी की।
यह सीट इसलिए भी सुर्खियों में थी क्योंकि यहां से महागठबंधन के दो बड़े घटक दल, राजद से अफजल अली खान और वीआईपी से खुद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष साहनी चुनावी मैदान में हैं।
आज की जनसभा में एक बड़ा राजनीतिक फैसला लिया गया। जिसमें वीआईपी के संतोष सहनी को गठबंधन का आधिकारिक उम्मीदवार घोषित करते हुए उन्हें माला पहनाई। राजद नेता तेजस्वी यादव और मुकेश साहनी ने संयुक्त रूप से संतोष सहनी के लिए वोट मांगे। राजद प्रत्याशी अफजल अली खान को भविष्य में एमएलसी (विधान परिषद सदस्य) बनाने की घोषणा की गई।
यह घोषणा अफजल अली खान के लिए एक राजनीतिक झटके के रूप में देखी जा रही है, क्योंकि उनकी उम्मीदवारी को अचानक वापस लिए जाने के समान माना जा रहा है। “राजनीतिक हत्या” के आरोप
महागठबंधन के शीर्ष नेताओं द्वारा मंच से यह स्पष्टीकरण दिए जाने के बावजूद, इस फैसले ने अफजल अली खान के समर्थकों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है।
अफजल अली खान के चाहने वालों का कहना है कि राजद ने उन्हें “खाने की थाली देकर छीनने” जैसा काम किया है। उनका आरोप है कि यह कदम “अफजल अली खान की राजनीतिक हत्या” है।
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या अफजल अली खान के समर्पित समर्थक, जिन्हें, एम,वाई समर्थक’ कहा जा रहा है, अब वीआईपी के संतोष सहनी को वोट करेंगे? इस जनसभा में अफजल अली खान की अनुपस्थिति और उनकी चुप्पी को पार्टी के फैसले के प्रति उनके समर्थकों में असंतोष के तौर पर देखा जा रहा है।
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