लोकतंत्र के महापर्व में जीविका दीदियों की बढ़ी भागीदारी , दरभंगा में मतदाता जागरूकता अभियान बना जनआंदोलन
लोकतंत्र के महापर्व में जीविका दीदियों की बढ़ी भागीदारी , दरभंगा में मतदाता जागरूकता अभियान बना जनआंदोलन
लोकतंत्र के महापर्व में जीविका दीदियों की बढ़ी भागीदारी , दरभंगा में मतदाता जागरूकता अभियान बना जनआंदोलन
दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा /
बिहार विधानसभा आम निर्वाचन 2025 को लेकर दरभंगा जिले में मतदाता जागरूकता अभियान अब जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी–सह–जिलाधिकारी कौशल कुमार के नेतृत्व में चल रहे इस अभियान में जीविका दीदियाँ लोकतंत्र के इस महापर्व को उत्सव के रूप में मना रही हैं।
जिले के 18 प्रखंडों में जीविका समूहों की दीदियाँ घर-घर जाकर मतदाताओं को मतदान के प्रति प्रेरित कर रही हैं, उनका लक्ष्य है — “हर मतदाता, हर वोट”।
बुधवार को बहेड़ी प्रखंड के बघौनी पंचायत में मतदाता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें डीपीएम डॉ. ऋचा गार्गी ने भाग लेकर दीदियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने सभी से अपील की कि लोकतंत्र के इस उत्सव में अधिक से अधिक मतदाताओं को मतदान के लिए प्रेरित करें।
गाँव-गाँव में दीदियों ने मतदाता रैलियाँ, लोकगीत, पोस्टर निर्माण, रंगोली सज्जा और मेहंदी प्रतियोगिताएँ आयोजित कर लोगों को मतदान के महत्व से जोड़ा।
“पहले मतदान, फिर जलपान”, “मेरा वोट, मेरा अधिकार” और “लोकतंत्र की शान — है मतदान” जैसे नारों से उन्होंने अभियान को जीवंत बना दिया।
इस अवसर पर सभी दीदियों ने शपथ ली कि वे स्वयं मतदान करेंगी और अपने परिवार एवं समुदाय के प्रत्येक सदस्य को मतदान केंद्र तक पहुँचाने की जिम्मेदारी निभाएँगी। मतदान के दिन “घर-घर संपर्क अभियान” चलाने का भी संकल्प लिया गया, ताकि कोई मतदाता मतदान से वंचित न रह जाए।
डॉ. ऋचा गार्गी ने कहा
“दरभंगा की जीविका दीदियाँ आत्मनिर्भरता की प्रतीक हैं, और अब वे लोकतांत्रिक चेतना की मशाल थामे हुए हैं। उनके प्रयासों से हर गाँव में जनजागरण की नई लहर उठी है।”
उन्होंने बताया कि 6 नवम्बर 2025 को जिले में मतदान होना है, जिसके लिए जीविका दीदियाँ पहली बार मतदान करने वालों को विशेष रूप से प्रेरित कर रही हैं। यह पहल केवल मतदान दर बढ़ाने तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी और नागरिक चेतना को भी सशक्त बना रही है।
बीपीएम भास्कर झा ने कहा
“मतदान केवल अधिकार नहीं, बल्कि जिम्मेदारी है जो भविष्य की दिशा तय करती है। जीविका दीदियाँ परिवर्तन की वाहक हैं, और उनके प्रयासों से गाँवों में लोकतंत्र का नया माहौल बना है।”
मतदान दिवस को सुचारू रूप से संपन्न कराने हेतु विशेष सहयोगी दलों का गठन भी किया गया है।
कार्यक्रम में रश्मी कुमारी, मनोरमा मिश्रा, निषिद्ध कुणाल, भास्कर झा सहित बड़ी संख्या में समुदाय की महिलाएँ मौजूद रहीं।
सभी ने एकजुट होकर संदेश दिया —