साइबर अपराध पर बिहार EOU की सख्त कार्रवाई , अक्टूबर में 249 मोबाइल ब्लॉक, ₹5.14 करोड़ की राशि पीड़ितों को लौटाई गयी।

दस्तक 7मीडिया ,पटना /

आर्थिक अपराध इकाई (Economic Offences Unit – EOU), बिहार, पटना के द्वारा साइबर अपराध की रोकथाम एवं साइबर सुरक्षा को लेकर ठोस और त्वरित कदम लगातार उठाए जा रहे हैं। इस दिशा में इकाई ने अक्टूबर माह में कई उल्लेखनीय उपलब्धियाँ दर्ज की हैं।

अक्टूबर में बड़ी कार्रवाई, मोबाइल और IMEI नंबर ब्लॉक

EOU की तकनीकी टीम ने अक्टूबर 2025 के दौरान 249 मोबाइल नंबरों को ब्लॉक किया, साथ ही 13,163 IMEI नंबरों को निष्क्रिय किया गया। ये सभी मोबाइल उपकरण साइबर ठगी, ऑनलाइन धोखाधड़ी और अन्य साइबर अपराधों में उपयोग किए जा रहे थे।

अपराधियों पर शिकंजा 

अब तक 171 गिरफ्तारियाँ
साइबर अपराध के मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए, अक्टूबर महीने में 7 और साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। अब तक कुल 171 साइबर अपराधियों को पुलिस गिरफ्त में लिया जा चुका है।

पीड़ितों को ₹5.14 करोड़ की राशि वापस

साइबर ठगी के शिकार लोगों के खातों से जब्त राशि में से अक्टूबर माह में ₹5.14 करोड़ की राशि पीड़ितों को सफलतापूर्वक लौटाई गई। यह कार्रवाई पुलिस, बैंकिंग संस्थानों और साइबर सुरक्षा एजेंसियों के समन्वय से संभव हो सकी।

राज्यव्यापी जागरूकता अभियान :स्कूलों, कॉलेज और अन्य जगहों  पर कार्यक्रम

अक्टूबर माह को साइबर जागरूकता माह के रूप में मनाया गया। इसके तहत बिहार के विभिन्न जिलों में स्कूलों, कॉलेजों, सार्वजनिक स्थलों और घाटों पर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाए गए। आम जनता को साइबर ठगी, फर्जी कॉल, लिंक और OTP साझा करने जैसे जोखिमों के प्रति सतर्क किया गया।

साइबर प्रशिक्षण और योजना निर्माण

अब तक 825 पुलिस पदाधिकारियों को साइबर सुरक्षा, ट्रेसिंग तकनीक, और डिजिटल सबूतों के विश्लेषण पर विशेष प्रशिक्षण दिया जा चुका है। साथ ही, C-DAC (Centre for Development of Advanced Computing) के सहयोग से “Cyber Crisis Management Plan” तैयार किया जा रहा है, जिससे राज्य स्तर पर किसी भी बड़े साइबर हमले की स्थिति में त्वरित और समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

EOU के एडीजी नैयर हसनैन खान की प्रेस वार्ता

इस संबंध में आयोजित विस्तृत प्रेस वार्ता में अपर पुलिस महानिदेशक, आर्थिक अपराध इकाई, बिहार,  नैयर हसनैन खान ने सभी जानकारी देते हुये  कहा कि “साइबर अपराध रोकथाम हमारी शीर्ष प्राथमिकता है। तकनीकी संसाधनों के उपयोग, जन-जागरूकता और प्रशिक्षण के माध्यम से हम बिहार को साइबर सुरक्षित राज्य बनाने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं।”

EOU ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या संदेश पर प्रतिक्रिया देने से पहले सतर्क रहें और किसी भी प्रकार की ठगी की सूचना 1930 हेल्पलाइन या www.cybercrime.gov.in पर दर्ज कराएँ।