सीतामढ़ी क्षेत्र में पिछले 24 घंटों से हो रही रुक-रुक कर बूंदाबांदी ने सामान्य जनजीवन को प्रभावित किया है। मंगलवार शाम से शुरू हुई हल्की बारिश लगातार जारी है, जिससे मौसम में बदलाव आया है और किसानों की चिंता बढ़ गई है।

क्षेत्र में धान की फसल कटाई के लिए तैयार थी। कई किसानों ने कटाई शुरू कर दी थी, जबकि कुछ इस सप्ताह तैयारी में थे। अचानक हुई बारिश से खेतों में पानी भर गया है। धान की बालियों पर लगातार गिरती बूंदों और बढ़ती नमी के कारण फसल खराब होने का खतरा बढ़ गया है।
स्थानीय किसानों, रामनरेश बिंद, शिवलाल पटेल और नंदलाल यादव के अनुसार, यदि बारिश एक-दो दिन और जारी रहती है, तो धान की फसल में अंकुरण और सड़न की समस्या उत्पन्न हो सकती है। उन्होंने अपनी मेहनत से तैयार फसल के खराब होने की आशंका जताई।

मौसम विभाग ने पश्चिमी विक्षोभ के कारण पूर्वांचल क्षेत्र में अगले 24 घंटों तक हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर रखें और खेतों में खड़ी फसल के लिए जल निकासी का उचित प्रबंध करें।

लगातार बूंदाबांदी के कारण सीतामढ़ी बाजार, धनतुलसी मार्ग, जंगीगंज और आसपास के गांवों की गलियों में कीचड़ फैल गया है। इससे आम लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। ठंडी हवाओं और तापमान में गिरावट से ठंड का असर भी महसूस होने लगा है।

बूंदाबांदी ने एक ओर जहां मौसम को सुहावना बनाया है, वहीं दूसरी ओर किसानों की उम्मीदों पर पानी फिरने की आशंका बढ़ गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग बारिश रुकने की प्रार्थना कर रहे हैं, ताकि उनकी फसलें नष्ट न हों।