स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस ट्रेन के जनरल कोच में भीड़।
समस्तीपुर में छठ महापर्व के समापन के बाद ट्रेन में यात्रियों की भीड़ बढ़ गई है। जंक्शन से दिल्ली के लिए मंगलवार शाम में खुलने वाली स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस का जनरल कोच पूरा भरा था। यात्री बॉथरूम के गेट तक बैठे थे। ट्रेन में बैठे यात्रियों कहना है कि स्पेशल गाड़ियों का कोई भरोसा नहीं है। जिस कारण लोग रेगुलर ट्रेनों में सफर करना बेहतर समझते हैं।
कुछ दिन बाद 6 नवंबर को पहले फेज की वोटिंग है। इस सवाल पर यात्रियों का कहना है कि हमलोग दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करते हैं। देर से नौकरी पर जाएंगे तो मेरी जगह दूसरे को रख लेंगे। ऐसी स्थिति में पहले पेट, रोजगार देखा जाए तब वोट की बात सोचेंगे।
पहले रोजगार फिर वोट का सोचेंगे
मधुबनी के अजय शर्मा ने भास्कर से बातचीत में कहा कि महापर्व में इसी तरह से जनरल कोच में सफर कर घर लौटा था। फिर से इसी तरह दिल्ली लौट रहे हैं। पहले पेट और नौकरी देखा जाए फिर वोट गिराने वाला वोट गिराएगा। स्पेशल ट्रेन सही समय पर नहीं चल रही है। किसी भी स्टेशन पर दो-दो घंटे गाड़ी रोक दी जा रही है। ऐसी स्थिति में लोग रेगुलर ट्रेन में ही सफर करना पसंद करते हैं।
यात्री नीरज कुमार का कहना है कि मजबूरी में जनरल कोच से जा रहा हूं।
बाथरूम के गेट पर बैठकर सफर करने की मजबूरी
मधुबनी के दिनेश मंडल का कहना है कि दिल्ली में अपना कारोबार है, इस वजह से वापस लौटना जरूरी है। महापर्व छठ में घर आए थे। रिजर्वेशन नहीं मिला, जनरल कोच से जा रहे हैं। कोच एकदम भरा हुआ है। बाहर निकलने के लिए भी जगह नहीं है। यह स्थिति तब है जब यह ट्रेन जयनगर से खुली है। अभी गोरखपुर तक इस ट्रेन में यात्री लगातार चढ़ते रहेंगे।
मधुबनी से बनारस जा रही खुशबू कुमारी ने बताया कि ट्रेन में जगह नहीं मिली। बाथरूम के गेट पर परिवार के साथ बैठकर सफर करने की मजबूरी है। किसी भी ट्रेन में रिजर्वेशन नहीं मिल रहा, स्पेशल ट्रेन काफी विलंब से चल रही है। दरभंगा से दिल्ली जा रहे हैं।
वहीं, नीरज कुमार ने बताया कि रिजर्वेशन नहीं मिला। जनरल टिकट कटा कर दिल्ली लौट रहे हैं। ट्रेन पूरी तरह से भरा हुआ है नीचे भी बैठने की जगह नहीं है।
बाथरूम के पास बैठी यात्री खुशबू कुमारी।
भीड़ से बचने के लिए स्पेशल ट्रेनों का करें उपयोग
उधर, समस्तीपुर रेलवे मंडल के मीडिया प्रभारी आरके सिंह ने बताया की भीड़ से बचने के लिए यात्री स्पेशल ट्रेनों का उपयोग करें। ट्रेनों की स्थिति जानने के बाद ही स्टेशन पर पहुंचे। कई ट्रेनों में सीट खाली है। लोग रेलवे की साइट से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इससे परेशानी कम होगी।
छोटे बच्चे के साथ बाथरूम गेट पर बैठी महिला।
