छठ पूजा: आस्था, शुद्धता और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का पर्व,दस्तक 7 मीडिया परिवार की ओर से श्रद्धा और शुभकामनाएँ

दस्तक 7मीडिया /दरभंगा 

भारत की विविध सांस्कृतिक परंपराओं में छठ पूजा एक ऐसा पर्व है जो न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि प्रकृति और पर्यावरण के प्रति सम्मान का भी संदेश देता है। यह पर्व सूर्य देव और छठी मैया की उपासना के रूप में बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और देशभर के विभिन्न हिस्सों में बड़ी श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है।

छठ पूजा का प्रमुख उद्देश्य सूर्य देव से जीवनदायिनी ऊर्जा और परिवार के सुख-समृद्धि की कामना करना है। यह पर्व चार दिनों तक चलता है , नहाय-खाय, खरना, संध्या अर्घ्य और उषा अर्घ्य। इन दिनों भक्त पूर्ण व्रत, पवित्रता और आत्मसंयम के साथ उपवास रखते हैं।
गंगाजल या स्वच्छ जल में डूबकर किए जाने वाले अर्घ्य के समय जब डूबते और उगते सूर्य को अर्पण किया जाता है, तो वह दृश्य भक्ति, सौंदर्य और अध्यात्म का अद्भुत संगम होता है।

छठ पूजा हमें सिखाती है कि मानव और प्रकृति का रिश्ता कितना गहरा है — सूर्य की किरणें केवल प्रकाश ही नहीं देतीं, बल्कि जीवन का आधार भी हैं। यह पर्व शुद्धता, समर्पण और पारिवारिक एकता का सच्चा प्रतीक है।

दस्तक 7 मीडिया परिवार सभी श्रद्धालु व्रतियों और देशवासियों को छठ पूजा की हार्दिक शुभकामनाएँ देता है।
ईश्वर से यही प्रार्थना है कि छठी मैया सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य का उजियारा फैलाएँ।डूबते और उगते सूर्य की पूजा का मतलब साफ हे,और संदेश हे कि जिस किसी का भी आज अस्त हो रहा हे उसका कल उदय जरूर होगा।अपने जीवन में इस संदेश को भी अपनाना हे ,इस बहुमूल्य जीवन का सार भी यही हे ,जैसे आज शाम ढलते सूर्य की पूजा होगी उसी तरह कल उगते सूरज की ,इसीलिये जीवन में कभी निराश होने की जरूरत नहीं हे अपने कर्तव्य पथ पर चलते रहिये।

जय छठी मैया! 🌞🙏दस्तक 7मीडिया।