लोक आस्था का महापर्व छठ: बिरौल अनुमंडल में नहाय-खाय के साथ अनुष्ठान का भव्य शुभारंभ,

दस्तक7मिडिया, उत्तम सेनगुप्ता,दरभंगा

लोक आस्था का महापर्व छठ, जो कि पवित्रता और कठोर तपस्या का प्रतीक है, शनिवार को दरभंगा जिला के बिरौल अनुमंडल क्षेत्र सहित पुरे राज्य में ‘नहाय-खाय’ की धार्मिक रस्म के साथ विधिवत शुरू हो गया।

उगते सूर्य के उपासकों के इस महापर्व को लेकर पूरे अनुमंडल क्षेत्र में भक्ति और उत्साह का माहौल है।
शनिवार को अहले सुबह से ही छठव्रती महिलाएं और पुरुष बड़ी संख्या में विभिन्न नदियों और तालाबों के पवित्र घाटों पर पहुंचे। उन्होंने सूर्योदय से पहले ही स्नान किया और उगते सूर्य देव की प्रथम पूजा कर चार दिवसीय महापर्व को निर्जला उपवास के साथ सफलतापूर्वक संपन्न करने का संकल्प लिया। इस दौरान छठ के पारंपरिक गीत गूंजते रहे, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
बिरौल के अधिकांश छठव्रतियों ने पवित्र स्नान के लिए कोनीघाट (कमल नदी),सुपौल रामनगर दुर्गा स्थान,बिरौल हनुमंत सदन, उछटी,डुमरी,बलिया,बेंक, हनुमाननगर,रजबा,जिरात सहित अन्य तालाब मुख्य था।
महापर्व छठ का यह अनुष्ठान अगले तीन दिनों तक चलेगा, रविवार को खरना की विधि होगी, जिसमें व्रती दिन भर निर्जला उपवास के बाद शाम को गुड़ की खीर और रोटी का प्रसाद ग्रहण करेंगे।सोमवार को संध्या अर्घ्य दिया जाएगा, जब व्रती अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देंगे। मंगलवार को उषा अर्घ्य के साथ व्रत का समापन होगा, जब व्रती उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देकर पारण करेंगे।
प्रशासनिक स्तर पर भी घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं, ताकि व्रतियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।