गौड़ा बौराम और घनश्यामपुर प्रखंड क्षेत्र में काली पूजा की धूम, उमड़ा आस्था का सैलाब

दस्तक7मिडिया, अमीत झा, गौड़ाबौराम

गौड़ा बौराम और घनश्यामपुर प्रखंड भक्ति और उल्लास में डूबे हुए हैं। यहां के कई गांवों में मां काली की पूजा-अर्चना पूरे विधि-विधान और पारंपरिक उत्साह के साथ की जा रही है, जिसने पूरे क्षेत्र को एक अद्भुत भक्तिमय माहौल से भर दिया है।


आसी, भादौन, तिरा, जयदेवपट्टी, पाली, गलमा, सिरसिया, बाथ, आधारपुर सहित अनेक गांवों के काली मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। मंदिरों और पूजा पंडालों को अत्यंत आकर्षक ढंग से सजाया गया है। रात के समय विशेष विद्युत प्रकाश की व्यवस्था से पूरा वातावरण जगमगा रहा है। वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच मां काली की भव्य और मनमोहक प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं, जिनकी एक झलक पाने के लिए दूर-दराज से भी श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
घनश्यामपुर सार्वजनिक काली पूजा समिति के सदस्य राघब राय और सुभाष राय ने बताया कि इस धार्मिक आयोजन में सैकड़ों की संख्या में भक्तगण भाग ले रहे हैं। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी मन्नतें पूरी होने पर दर्जनों बकरों की बलि दी जा रही है, जो इस पूजा की एक महत्वपूर्ण परंपरा है। श्रद्धालु काली पूजा पंडालों में पहुंचकर मां काली की आराधना कर रहे हैं और प्रसाद वितरण में उत्साह से हिस्सा ले रहे हैं।
पूजा पंडालों के पास आयोजित विशाल मेले में भी भारी भीड़ उमड़ रही है। बच्चों और महिलाओं के लिए यह मेला विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। मेले में तरह-तरह के झूले, स्वादिष्ट व्यंजनों के स्टॉल और रंग-बिरंगे खिलौनों की दुकानें सजी हुई हैं, जिससे उत्सव का माहौल और भी रंगीन हो गया है।पूजा समिति ने भक्तों की सुविधा के लिए विशेष इंतज़ाम किए हैं। समिति सदस्यों के अनुसार, दो दिवसीय इस पूजा के दौरान मनोरंजन और भक्ति को बढ़ावा देने के लिए बच्चों के लिए डांस प्रतियोगिता और मनमोहक भक्ति संगीत कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जा रहा है। यह दो दिवसीय धार्मिक आयोजन पूरे क्षेत्र में शांति, श्रद्धा और सामाजिक सौहार्द का संदेश फैला रहा है। इस भव्य और सफल आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए काली पूजा समिति के सभी सदस्य, स्थानीय स्वयंसेवक और ग्रामीणजन पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ दिन-रात जुटे हुए हैं।