दरभंगा के गौड़ा बौराम विधानसभा सीट, महागठबंधन में उलझन, सियासी माहौल गरम।

दस्तक7मिडिया, उत्तम सेनगुप्ता/अमीत झा।

दरभंगा जिले की गौड़ा बौराम विधानसभा सीट पर महागठबंधन के भीतर टिकट को लेकर मची खींचतान ने सियासी माहौल को गरमा दिया है। क्षेत्र की जनता और समर्थक आज भी इस दुविधा में हैं कि महागठबंधन का ‘असली’ उम्मीदवार राष्ट्रीय जनता दल (RJD) का होगा या विकासशील इंसान पार्टी (VIP) का।
महागठबंधन के भीतर ‘लालटेन’ और ‘नाव’ का द्वंद्व–
सूत्रों के हवाले से खबर है कि सीट-बंटवारे के तहत गौड़ा बौराम विधानसभा क्षेत्र VIP के खाते में चला गया था। VIP ने पार्टी अध्यक्ष संतोष सहनी (मुकेश सहनी के छोटे भाई) को अपना उम्मीदवार बनाकर चुनाव मैदान में उतारा है। लेकिन, महागठबंधन के प्रमुख दल RJD के एक पूर्व घोषित उम्मीदवार, अफजल अली खान, ने भी अपना नामांकन वापस नहीं लिया है।


सूत्रों के अनुसार जो लालू प्रसाद यादव ने अफजल अली खान को सिंबल दे कर नामांकन करने की बात कही, उन्होंने ही फिर बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र लिखकर यह स्पष्ट कर दिया है कि गौड़ा बौराम सीट VIP के लिए आवंटित है और RJD ने इस सीट से कोई उम्मीदवार नहीं उतारा है। पार्टी ने अफजल अली खान से सिंबल (लालटेन) लौटाने और नामांकन वापस लेने को कहा है। इसके बावजूद, अफजल अली खान ने अपना नामांकन वापस लेने से इनकार कर दिया है और वह RJD के ‘लालटेन’ चुनाव चिन्ह के साथ मैदान में डटे हुए हैं। उनका दावा है कि उन्हें सिंबल वैध रूप से मिला था।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि RJD के उम्मीदवार का मैदान में बने रहना एक ‘चाणक्य नीति’ का खेल है, जिसके चलते VIP एक मुश्किल स्थिति में फंसती नजर आ रही है। इस ‘दोहरी उम्मीदवारी’ ने महागठबंधन के समर्थकों के बीच भारी भ्रम पैदा कर दिया है।
इस स्थिति से नाराज VIP के उम्मीदवार व राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष सहनी ने इस मामले के खिलाफ पटना उच्च न्यायालय जाने की बात कही है।
गौड़ा बौराम में उत्पन्न इस अभूतपूर्व स्थिति के चलते, महागठबंधन के नेता तेजस्वी यादव को अपनी ही पार्टी के चिन्ह पर चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार के खिलाफ प्रचार करने की अजीबोगरीब स्थिति का सामना करना पड़ सकता है, ताकि गठबंधन धर्म का पालन हो सके। यह महागठबंधन की एकता और समन्वय के लिए एक बड़ी चुनौती है।
महागठबंधन की इस आंतरिक कलह और भ्रम का सीधा फायदा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को मिलता दिख रहा है। क्षेत्र में NDA, जिसका प्रतिनिधित्व भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार सुजीत कुमार कर रहे हैं, मजबूत स्थिति में नजर आ रहे है। 2020 के विधानसभा चुनाव में भी यह सीट एनडीए समर्थित VIP के खाते में गई थी, जब स्वर्णा सिंह ने RJD के अफजल अली खान को 7,280 वोटों के अंतर से हराया था। लेकिन इस बार वीआईपी महागठबंधन के घटक दल में शामिल हैं।
फिलहाल गौड़ा बौराम में राजनीति की सरगर्मी चरम पर है और समर्थक ‘वेट एंड वाच’ की स्थिति में हैं। आने वाला समय ही बताएगा कि गौड़ा बौराम की राजनीति किस ओर करवट लेती है, क्या महागठबंधन समन्वय स्थापित कर इस गतिरोध को दूर करेगा, या फिर RJD और VIP के बीच की ‘फ्रेंडली फाइट’ NDA की राह आसान कर देगी।