सोनकी में मद्य निषेध विभाग की टीम पर हमला, पुलिस अधिकारी,चौकीदार समेत होमगार्ड के कई सिपाही जख्मी,शराब के साथ एक महिला गिरफ्तार 

स्थानीय लोगों ने फेंके रोड़े-पत्थर, सरकारी वाहन क्षतिग्रस्त , सोनकी थानाध्यक्ष की भूमिका पर उठे सवाल

दस्तक 7मीडिया /संजय कुमार राय 

दरभंगा : सोनकी थाना क्षेत्र में शराब माफियाओं पर शिकंजा कसने गई मद्य निषेध विभाग की टीम पर मंगलवार की देर रात करीब दस बजे हमला हो गया। स्थानीय लोगों द्वारा फेंके गए रोड़े-पत्थर से एक पुलिस पदाधिकारी सहित दो-तीन होमगार्ड एवं चौकीदार जख्मी हो गए। हमले में विभाग की गाड़ी भी क्षतिग्रस्त हो गई।

घटना की पुष्टि करते हुए सहायक आयुक्त, मद्य निषेध प्रदीप कुमार ने बताया कि एक दुकानदार के बारे में गुप्त सूचना मिली थी, उसी आधार पर टीम छापेमारी करने गई थी। इसी दौरान स्थानीय लोगों ने अचानक हमला कर दिया।

उन्होंने बताया कि “सोनकी थानाध्यक्ष के सरकारी नंबर पर कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन कॉल नहीं लगा । उन्होंने कहा कि इसके बाद एसएसपी दरभंगा के गोपनीय शाखा एवं मुख्यालय डीएसपी को सूचना दी गई। कुछ देर बाद सोनकी थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और सभी को खदेड़ा हालांकि एक महिला को शराब के साथ पकड़ा गया हे।

सहायक आयुक्त ने बताया कि सभी घायल कर्मियों का मेडिकल कराया गया है और सोनकी थाना में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए कहा गया है।

जब सोनकी थानाध्यक्ष से पूछा गया कि घटना के समय वे थाना पर मौजूद थे या नहीं, तो उन्होंने कहा कि “मद्य निषेध विभाग की टीम के छापेमारी की जानकारी उन्हें नहीं थी, सूचना मिलने पर वे बाद में स्थल पर पहुंचे।”
हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि थानाध्यक्ष दिवाली के अवसर पर घर चले गए थे, और घटना के वक्त थाना पर नहीं थे।अब लोंगों के इस आरोप का खंडन थानाध्यक्ष के निजी मोबाइल के टावर लोकेशन से ही निकल सकता हे कि वें थाना पर थे या घर भाग गये थे।इतना तों तय हे कि वरीय पुलिस अधीक्षक की ओर से उन्हें छुट्टी नहीं दी गई होगी?

लोगों का यह भी कहना है कि सोनकी क्षेत्र अतिसंवेदनशील इलाका है, जहाँ शराब की खुलेआम बिक्री होती है और पुलिस निष्क्रिय बनी रहती है।

स्थानीय नागरिकों का यह आरोप भी हे कि दिवाली के दिन सोनकी बाजार में एक युवक पिस्टल लहरा रहा था। जब पुलिस को सूचना दी गई, तो पुलिस  काफी देर से पहुंची , तब तक युवक फरार हो गया।
इस घटना ने पुलिस की भूमिका और कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

इधर बताया जा रहा हे कि घटनास्थल पर पहले स्थानीय चौकीदार प्रमोद यादव को भेजा गया था जहां रात के अंधेरे में ग्रामीणों ने उसके सिर पर वार कर दिया वह लहू लुहान हो गया ,बताया जा रहा हे कि इसका इलाज दरभंगा के किसी अस्पताल में चल रहा हे जहां स्थिति गंभीर बनी हुई हे।इस घटना के सूचना के बाद भारी संख्या बल में पुलिस पहुंची और सबको खदेड़ दिया और मामला शांत हुआ।