कुशेश्वरस्थान में सरकारी शिक्षक बने चुनावी प्रचारक, एनडीए उम्मीदवार के लिए मांग रहे वोट ,आचार संहिता की खुलेआम धज्जियां उड़ाने का आरोप”
दस्तक 7/प्रशांत कुमार/कुशेश्वरस्थान।
“सइयां भइल कोतवाल, अब डर काहे का” इस गाने का मायने इन दिनों असल जिंदगी में भी देखा जा रहा है। ताजा मामला कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड का है। जहां बिहार सरकार के दो सरकारी शिक्षक बिना किसी खौफ के चुनावी मैदान में उम्मीदवार के लिए वोट मांग रहे है।

