मोदी के हनुमान का वोट इस बार क्या चिराग तले अंधेरा करेंगे, एनडीए के राह में क्यों दिख रहे कांटे।
मोदी के हनुमान का वोट इस बार क्या चिराग तले अंधेरा करेंगे, एनडीए के राह में क्यों दिख रहे कांटे।
मोदी के हनुमान का वोट इस बार क्या चिराग तले अंधेरा करेंगे, एनडीए के राह में क्यों दिख रहे कांटे।
दस्तक 7मीडिया ,प्रशांत कुमार /कुशेश्वरस्थान
कई वर्षों से कुशेश्वरस्थान विधानसभा सीट पर एनडीए का कब्जा रहा है। लेकिन इस बार एनडीए के लिए राह इतना आसान नहीं है। समाज का एक तबका इस बार लगातार विरोध कर रहे है। वैसे देखा जाय तो कुछ लोग बाहरी और स्थानीय का भी मुद्दा उठा रही है लोग एनडीए के उम्मीदवार अतिरेक कुमार को बाहरी बताया जा रहा है। स्थानीय कार्यकर्त्ता में भी आक्रोश है कि पार्टी इस बार सीट बेच ली है स्थानीय कार्यकर्त्ता का कोई पूछ नहीं रहा पार्टी में। जानकारों की माने तो प्रत्येक चुनाव में हार का अंतर महज पांच से सात हजार का रहा है लेकिन विधानसभा में पासवान और चौपाल के समाज इस बार एनडीए से नाराज चल रहे है। और यही वोट एनडीए के लिए बहुत बड़ी मुसीबत बन सकती है।
जानकार सूत्र बताते है कि इस बार पासवान समुदाय से जनसुराज ने कुशेश्वरस्थान पूर्वी मुख्य पार्षद शत्रुध्न पासवान पर अपना दांव लगाया है तो लोजपा आर की अंजू देवी ने निर्दलीय मैदान में उतरी है। वहीं दूसरी ओर आम आदमी पार्टी के योगी चौपाल को अपने जात के समर्थन के साथ साथ सदा वोट पर भी पकड़ बना हुआ है। अगर ये उम्मीदवार दस हजार भी वोट अपने पक्ष में लाते है तो एनडीए के अतिरेक कुमार को नको चने चबाना पर सकता है। अब देखने वाली बात यह है कि क्या एनडीए इस वोट बैंक को किस हद तक अपने पक्ष में ला सकते है।
स्थानीय राजनीतिक जानकार का मानना है कि कुशेश्वरस्थान में बाहरी मुद्दा बना रहेगा और दलित समाज की नाराजगी भी बहुत हद तक एनडीए को नुकसान कर सकती है। मोदी के हनुमान का वोट इस बार चिराग तले अंधेरा करने का पूरी तरह मन बना लिया है। स्थानीय बुजुर्ग विजय कुमार पासवान, हीरा पासवान सागर चौपाल सहित दर्जनों लोग बताते है कि मोदी हमेशा दलितों के साथ सौतेला व्यवहार किया है और उसके हनुमान चुप रहा है, इसलिए हमलोग इस बार इस हनुमान के पूछ में आग लगा मोदी की लंका को जलाएंगे।