दरभंगा शहरी सीट पर महागठबंधन में मचा घमासान ,अब वीआईपी के हिस्से में गई सीट ,उमेश सहनी बन गये उम्मीदवार।

दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा /

दरभंगा शहरी विधान सभा से महागठबंधन के सीटों को लेकर उपापोह की स्थिति बनी हुई थी ,लेकिन ऐसा लगता हें कि यह सीट वीआईपी के कोटे में चली गई हें। हालांकि वीआईपी के सुप्रीमो सुबह -सुबह दरभंगा आकर महागठबंधन की सीटों से पर्दा हटा दिया हें और कहा हें कि महागठबंधन की और से वीआईपी के सीट से उमेश सहनी को टिकट दिया जा रहा हें ,आज सिंबल भी मिल जाएगा। अब ऐसा दिखने लगा हें और उमेश सहनी तैयारी में जुट गये हें।

 

महागठबंधन की और से आज से पहले यह राजद का सीट था और राजद ही यहां प्रत्याशी देते आ रही थी लेकिन इस बार कुछ अलग ही दिख रहा हें। विगत तीन दिन पहले यहां से दिग्गज राजद के युवा कार्यकर्ता राकेश नायक पर राजद की और से टिकट मिलने की चर्चा हो रही थी ,लेकिन एक दिन पहले उनका नाम सूची से कट गया और उन्हें सिंबोल नहीं मिला। बताया जा रहा हें कि कुछ माह पहले भालपट्टी थाना क्षेत्र के मुरिया में दों समुदायों के बींच विवाद हुआ था जिस विवाद का एक वीडियो वायरल हुआ था ,उस वायरल वीडियो में मुस्लिम विरोधी कुछ बातें सामने आ रही हें ,कहा जा रहा हें कि इसी कारण उनका टिकट राजद ने काट दिया। हालांकि उनका यह वीडियो काट छांटकर प्रस्तुत किया गया हें ,कहा जा रहा हें कि दों समुदायों के बींच हुये झड़प में एक समुदाय के लोग ही बीटंटा खड़ा किया था ,बाद में पत्थरबाजी हुई ,और यह सब एक समुदाय के लोग ही किये थे जिस कारण सामाजिक संतुलन बिगड़ गया था ,भारी पुलिस बलों की तैनाती हुई थी जिसे वश में करने के लिये एक समुदाय के लोंगों पर श्री नायक को बोलना पड़ा था जिसके बाद ही  मामला शांत हुआ था और उसके बाद शांतिपूर्ण वातावरण में लोग आज तक रह रहें हें। श्री नायक की मंशा एक समुदाय को दबाने के लिये नहीं था बल्कि आपसी भाई चारा बनी रही इसके लिये उनका यह कदम था जिसमें दरभंगा जिला के शांति समिति के लोग भी वहां पहुंचे थे जिसमें दोनों समुदाय के लोग थे। ऐसी परिस्थिति ही बनी थी कि राकेश नायक को यह कदम उठाना पड़ा था ,और मामले को शांत कराने में उनकी भूमिका सराहनीय रही थी ऐसे में राकेश नायक का पार्टी के द्वारा टिकट नहीं देना पूरे शहर में चर्चा का विषय बना हुआ हें।