बिहार विधानसभा आम निर्वाचन को लेकर जीविका दीदियों ने चलाया मतदाता जागरूकता अभियान,

डीपीएम डॉ. ऋचा गार्गी बोलीं – जीविका दीदियाँ लोकतांत्रिक चेतना की सशक्त प्रतीक बनीं

दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा /

बिहार विधानसभा आम निर्वाचन 2025 के अवसर पर दरभंगा जिले में मतदाता जागरूकता अभियान पूरे उत्साह, जनसहभागिता और सामुदायिक एकजुटता के साथ जारी है।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी कौशल कुमार के निर्देशानुसार, जिले के सभी प्रखंडों में जीविका महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की सक्रिय भागीदारी से यह अभियान नई ऊँचाइयाँ छू रहा है। जीविका की दीदियाँ घर-घर जाकर लोगों को मतदान के महत्व से अवगत करा रही हैं, ताकि जिले में “हर मतदाता, वोट अवश्य” का लक्ष्य प्राप्त किया जा सके।

डीपीएम डॉ. ऋचा गार्गी के नेतृत्व में यह पहल अब केवल सरकारी कार्यक्रम न होकर एक सामाजिक आंदोलन का स्वरूप ले चुकी है। उन्होंने कहा कि “जीविका दीदियाँ अब केवल आर्थिक रूप से सशक्त महिलाएँ नहीं रहीं, बल्कि वे सामाजिक चेतना, लोकतांत्रिक भागीदारी और जनजागरण की प्रतीक बन चुकी हैं।”

गुरुवार को जाले प्रखंड के विभिन्न संकुल संघों में आयोजित कार्यक्रमों में डॉ. गार्गी ने स्वयं भाग लेकर जीविका दीदियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने महिलाओं से संवाद करते हुए कहा कि मतदान केवल नागरिक अधिकार नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण और लोकतंत्र को मजबूत करने का सबसे बड़ा माध्यम है।

उन्होंने सभी महिलाओं से अपील की कि वे अपने परिवार और समुदाय की प्रत्येक महिला को मतदान केंद्र तक पहुँचने के लिए प्रेरित करें।

कार्यक्रम के दौरान जीविका दीदियों ने रैलियाँ, प्रभात फेरी, लोकगीत, नारे, रंगोली और मेहंदी प्रतियोगिता जैसी गतिविधियों के माध्यम से मतदान का संदेश फैलाया।
दीदियाँ हाथों में “पहले मतदान, फिर जलपान”, “मेरा वोट, मेरा अधिकार” और “लोकतंत्र की शान – है मतदान” लिखे बैनर लिए लोगों को प्रेरित करती नजर आईं।

स्थानीय लोकगीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने ग्रामीण समुदायों में भावनात्मक प्रभाव छोड़ा।
डॉ. ऋचा गार्गी ने सभी दीदियों को लोकतांत्रिक शपथ दिलाई कि वे स्वयं मतदान करेंगी और अपने समुदाय में शतप्रतिशत मतदान सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगी।

इस अवसर पर सामाजिक विकास प्रबंधक नरेश कुमार ने कहा कि मतदान केवल व्यक्तिगत अधिकार नहीं, बल्कि यह नैतिक जिम्मेदारी और भविष्य निर्माण की प्रक्रिया का हिस्सा है।
वहीं बीपीएम जाले देवदत्त झा ने कहा कि जीविका दीदियाँ आज परिवर्तन की अग्रदूत हैं। उनके प्रयासों से ग्रामीण समाज में लोकतांत्रिक चेतना की नई लहर उठी है।

प्रखंड स्तर पर आयोजित इन कार्यक्रमों में सैकड़ों जीविका दीदियों और ग्रामीण महिलाओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया। पूरा माहौल देशभक्ति, उत्साह और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना से ओतप्रोत रहा।

सभी ने एक स्वर में संकल्प लिया —
“हमारा वोट, हमारी ताकत — हर हाल में करेंगे मतदान।”