जिले में बागमती व झीम, अधवारा नदी समूह की रातो, मरहा, धौंस, संगही के बाद अब लखनदेई और मनुषमारा नदी में बाढ़ से स्थिति गंभीर बन गई है। इस बाढ़ से रुन्नीसैदपुर और बेलसंड प्रखंड के करीब 20 गांवों की 30 हजार से अधिक की आबादी प्रभावित है। लखनदेई नदी का पानी गांव में फैले रहने से लोग परेशान हो चुके है।

 

घरों में पानी घुसने से रुन्नीसैदपुर गांव के वार्ड नंबर 4 के 8-10 परिवार के लोग सीतामढ़ी-मुजफ्फरपुर राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या 22 पर सड़क किनारे प्लास्टिक टांग कर रहने को बाध्य हुए हैं। इधर, बसतपुर का प्राथमिक विद्यालय चारों तरफ से पानी से घिरा हुआ है। यहां बच्चे नहीं पहुंच रहे हैं। हालांकि स्कूल को बंद नहीं किया गया है। जिससे शिक्षक शिक्षिकाओं के साथ ही अभिभावक भी चिंतित हैं। हालांकि इसे लेकर बीईओ चिंटू कुमार ने संज्ञान में स्थिति आने की बात कही है। कहा कि जांचों प्रांत उचित कार्रवाई की जाएगी। अभी भी दोनों नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, क्षेत्र में समय के साथ जलजमाव से आवागमन के साथ ही अन्य परेशानियां बढ़ गई है। लेकिन, अभी तक प्रशासनिक पहल नकारा बनी हुई है, जिससे पीड़ितों में आक्रोश बढ़ने लगा है।

रुन्नीसैदपुर में बोदी बांध का स्लुइस गेट बंद रहने के कारण बनी है गंभीर स्थिति स्थानीय राम केवल राय ने बताया कि रुन्नीसैदपुर फार्म के समीप बोदी बांध पर बने स्लुइस गेट का फाटक बंद रहने के कारण जलजमाव हो रही है। शिकायत के बावजूद न तो प्रशासन और नहीं विभाग द्वारा पहल की गई है। बाढ़ नियंत्रण व मॉनिटरिंग महज एक घोषणा ही बनकर रह गई है।

 

अगर विभाग व प्रशासन पहल की होती तो इस स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता। स्थानी शीला देवी ने बताया कि मनुषमारा नदी के काले पानी से लोगों में बीमारी फैलने की आशंका प्रबल होती जा रही है। किसान मुख्य रूप से अपनी आजीविका के लिए खेती पर आश्रित हैं। लेकिन सब बर्बाद हो चुका है। आलोक कुमार ने बताया कि मछुआरों द्वारा लखनदेई नदी की धारा को अवरुद्ध कर दिए जाने के कारण लखनदेई एवं मनुषमारा नदी की बाढ़ ने किसानों के आशा पर पानी फेर दिया। अभी तक प्रशासन व विभाग मौन है।

^बागमती नदी के जलस्तर में गिरावट के साथ ही स्लुइस गेट खोल दी गई है। अब लखनदेई व मनुषमारा नदी के पानी का बहाव बागमती में होने लगी है। विभाग स्थिति पर लगातार निगरानी रखी हुई है। स्थिति सामान्य हो जाने के आसार हैं। – विपिन कुमार, कार्यपालक अभियंता, बागमती

लखनदेई और मनुषमारा नदी में बुधवार को भी जलस्तर बढ़ने से स्थिति गंभीर बनी हुई है। इसके कारण अभी तक रुन्नीसैदपुर गांव के 10 से अधिक लोग घर छोड़कर एनएच के किनारे पन्नी टांगकर आश्रय को मजबूर हो चुके हैं। इधर इस बाढ़ से किसान चिंतित हैं। जलस्तर में लगातार वृद्धि से धान की तैयार फसल को डूबने लगी है। एक ओर जहां खरीफ फसल बाढ़ के पानी में डूबने से बर्बाद हो रही है, वहीं दूसरी ओर रवि फसल का बुवाई भी अब संभव नहीं हो सकेगा।