85 साल की उम्र पार कर चुके बुजुर्ग मतदाताओं के लिए स्वयंसेवकों की सुविधा मिलेगी। यह स्वयंसेवक उन्हें मतदान कराएंगे। इनके अतिरिक्त 40% से अधिक दिव्यांगों को भी यह सुविधा उपलब्ध होगी। इसके लिए स्वयंसेवकों को बूथवार टैग की जा रही है। इसकी कवायत तेज कर दी गई है। निर्वाचन विभाग से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक,बिहार विधान सभा निर्वाचन-2025 में वरीय मतदाता (85+) एवं दिव्यांग मतदाताओं (40% से अधिक दिव्यांग) के लिए बुथों पर स्वयंसेवकों की टैगिंग की जाती है।

 

निर्वाचन के लिए गठित दिव्यांग कोषांग में ऐसे स्वयंसेवकों की सुचि आना शुरू हो गया है। जिसे बुथों के साथ टैगिंग की कार्रवाई की जा रही है। दिव्यांग एवं 85+ मतदाताओं के लिए मतदान केंद्रों पर व्हीलचेयर, रैम्प की व्यवस्था की जाएगी। उनके सहयोग एवं सुगम मतदान कराने हेतु बुथों पर एक स्वयंसेवकों को टैग किया जा रहा है।

कैमूर में 90 से 99 आयु में 2820 मतदाता: कैमूर में 90 से 99 आयु वर्ग में कुल 2820 मतदाता है।इसके अलावा 100 से 109 आयु वर्ग के 329 मतदाता है।जिसमें रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र में 115 ,मोहनिया विधानसभा क्षेत्र में 39 भभुआ विधानसभा क्षेत्र में 56 जबकि चैनपुर विधानसभा क्षेत्र में 119 मतदाता है।जबकि कैमूर के चार विधानसभा क्षेत्र में 110 से 119 आयु वर्ग के 3 मतदाता चैनपुर विधानसभा क्षेत्र में है।बुजुर्ग मतदाताओं के मतदान को सुनिश्चित करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग की ओर से आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए हैं।

फर्स्ट रैंडमाईजेशन के बाद ईवीेएम का वर्गीकरण उधर,बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेजी से पूरी की जा रही है।फर्स्ट रेंडमाइजेशन के बाद विधानसभा वार ईवीेएम अलग-अलग किया जा रहे हैं।ताकि विधानसभावार ईवीेएम पहुंचने में कोई त्रुटि न रहे।इस बीच वेयरहाउस का जिला निर्वाचन पदाधिकारी सुनील कुमार ने निरीक्षण किया।निरीक्षण में सख्त हिदायत दी। पदाधिकारी ने निरीक्षण के क्रम में वेयरहाउस में फर्स्ट रेंडमाइजेशन के बाद विधानसभा बार अलग-अलग सेग्रीगेशन (पृथक्करण) किए जा रहे कार्य का जायजा लिया। निदेश दिया कि सेग्रीगेशन का कार्य पूरी शुद्धता से विधानसभा वार ससमय पूर्ण कर लिया जाए। सेग्रीगेशन कार्य में विशेष सतर्कता बरती जाए। ताकि किसी विधानसभा का ईवीेएम अन्यत्र विधानसभा में ना चला जाए।

महिला महाविद्यालय में पीठासीन पदाधिकारी का प्रशिक्षण उधर,जिला मुख्यालय के शहीद संजय सिंह महिला महाविद्यालय में पीठासीन पदाधिकारी का प्रशिक्षण जारी है। यहां बने ईवीेएम प्रशिक्षण केंद्र में प्रतिदिन पीठासीन पदाधिकारियों एवं प्रथम मतदान पदाधिकारियों का मॉक ड्रिल भी कराया जा रहा है। कर्मियांें व अधिकारियों को बारिकी से ईवीएम के बारे में समझाया जा रहा है।