कटिहार के कोढ़ा विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस के दो पूर्व विधायकों के बीच विवाद सामने आया है। महागठबंधन में सीट बंटवारे पर फैसला न होने से पहले ही पार्टी की गुटबाजी उजागर हो गई है। विषहरिया गांव में पूर्व विधायक पूनम पासवान और सुनीता देवी के समर्थकों के बीच झड़प हुई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
पूर्व विधायक पूनम पासवान ने बताया कि,वे कांग्रेस के पूर्व प्रखंड अध्यक्ष पवन जायसवाल से मिलने गई थीं, जो बीमार हैं। इसी दौरान सुनीता देवी और महागठबंधन से संभावित उम्मीदवार वकील दास के समर्थक वहां पहुंचे और सर्वे कराने की बात कहकर हंगामा करने लगे।
योजना के प्रचार के लिए आई
पूनम पासवान ने स्पष्ट किया कि, पार्टी कोई सर्वे नहीं करा रही थी, बल्कि यूथ कांग्रेस की टीम ‘माई बहन मान योजना’ के प्रचार और टी-शर्ट वितरण के लिए आई थी। उन्होंने हंगामे के बाद कटिहार एसपी से सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।
यूथ कांग्रेस के पदाधिकारी कर रहे थे बैठक
दूसरी ओर, सुनीता देवी ने पूनम पासवान के आरोपों का खंडन किया। उन्होंने कहा कि, यूथ कांग्रेस के पदाधिकारी खेत-खलिहान में बैठक कर रहे थे,जो किसी सामाजिक कार्यक्रम का हिस्सा नहीं हो सकता। सुनीता देवी के अनुसार, “सामाजिक लोग जनता के बीच बैठक करते हैं, खेतों में नहीं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि, पूनम पासवान अपना जनाधार खो चुकी हैं और जिस व्यक्ति के बीमार होने की बात कही जा रही थी, वह मौके पर चिल्ला रहा था, जिससे बीमारी का बहाना राजनीतिक प्रतीत होता है।
कांग्रेस को हो सकता है नुकसान
कांग्रेस के दोनों पूर्व विधायकों के बीच इस टकराव ने पार्टी की आंतरिक कलह और कमजोर संगठनात्मक स्थिति को उजागर किया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि, यह विवाद कांग्रेस को कोढ़ा सीट पर चुनावी नुकसान पहुंचा सकता है और महागठबंधन की एकजुटता पर भी सवाल खड़े कर रहा है।
