डीजीपी के आदेश की उड़ रही धज्जियां : दरभंगा समेत राज्य  के अधिकांश थानों में आगंतुक रजिस्टर का नहीं हो रहा अनुपालन

दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा /

दरभंगा जिले में डीजीपी के आदेशों की अनदेखी खुलकर सामने आ रही है। करीब तीन महीने पहले बिहार के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विनय कुमार ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को निर्देश जारी किया था कि थानों में आने वाले हर व्यक्ति का विवरण आगंतुक रजिस्टर में अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाए। इस व्यवस्था का उद्देश्य था कि थानों में सक्रिय दलालों पर शिकंजा कसना और पारदर्शिता सुनिश्चित करना।

डीजीपी के निर्देश के बाद दरभंगा के वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) जगुनाथ रेड्डी जला रेड्डी ने जिले के सभी थानाध्यक्षों को सख्त आदेश दिया था कि थाने में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति का नाम, पिता का नाम, पता, मोबाइल नंबर, आने का कारण और थाने में आने-जाने का समय रजिस्टर में दर्ज किया जाए।

थानों में नहीं दिख रहा असर

जिले के अधिकांश थानों में इस आदेश का पालन नहीं किया जा रहा है। जिला मुख्यालय के बहादुरपुर, लहेरियासराय, महिला थाना , एससी/एसटी, नगर, यूनिवर्सिटी, कोतवाली, बेता, सदर, हायाघाट, पतोर, एपीएम, विशनपुर और साईबर थाना ,बिरौल ,घनश्यामपुर ,बहेड़ा ,समेत अन्य  थाना जैसे महत्वपूर्ण थानों में आगंतुक रजिस्टर का अद्यतन नहीं पाया गया। कई जगह रजिस्टर मौजूद तो है, पर महीनों से अपडेट नहीं किया गया।

दारोगा करेंगे निगरानी, हर सप्ताह देनी होगी रिपोर्ट

डीजीपी के निर्देश के अनुसार, प्रत्येक थाने में एक सहायक अवर निरीक्षक या दारोगा को आगंतुक रजिस्टर का नोडल अधिकारी बनाया गया है। उन्हें हर सप्ताह थानाध्यक्ष को रिपोर्ट सौंपनी होती है। लेकिन ज़मीनी स्तर पर यह व्यवस्था केवल कागज़ों में सीमित दिख रही है।

सूत्रों के अनुसार, कई थानों में कुछ कथित दलालों की भूमिका अब भी सक्रिय है। ये लोग थाने में बार-बार आते हैं, जिससे पुलिस की छवि पर नकारात्मक असर पड़ता है और आम जनता को न्याय पाने में कठिनाई होती है।

एसएसपी ने दी चेतावनी

इस संबंध में वरीय पुलिस अधीक्षक जगन्नाथ रेड्डी जल रेड्डी ने कहा कि“पुलिस मुख्यालय से आए आदेश का पालन हर थाने में अनिवार्य है। यदि किसी थाने में जांच के दौरान यह पाया गया कि आगंतुक रजिस्टर अपडेट नहीं है, तो संबंधित थानाध्यक्ष पर अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी।”

लोगों में सवाल – आदेश सिर्फ कागज़ों पर क्यों?

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि आगंतुक रजिस्टर की व्यवस्था ठीक से लागू हो, तो थानों में होने वाली दलाली और फर्जी पैरवी पर रोक लगेगी। लेकिन वर्तमान में यह निर्देश केवल दिखावे तक सीमित रह गया है।