महिला थाना में अधिकारी नदारद,12बजे तक लेट नहीं ,9बजे के बाद भेंट नहीं ,

मधुबनी से आई महिलाएँ घंटों बैठीं रहीं, न थानाध्यक्ष मिलीं, न ओडी पदाधिकारी ,एसएसपी की सख्ती पर सवाल

दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा /

“12 बजे तक लेट नहीं और 9 बजे के बाद भेंट नहीं”, यह कहावत इन दिनों दरभंगा के महिला थाना पर एकदम सटीक बैठ रही है। स्थिति यह है कि दिन के बारह बजे तक थाने पर किसी भी महिला पुलिस पदाधिकारी का दर्शन दुर्लभ हो गया है। यहां तक कि ओडी पदाधिकारी भी नदारद रहती हैं।

शुक्रवार को महिला थाना का नजारा कुछ ऐसा ही था। थाने में थानाध्यक्ष की कुर्सी खाली थी, ओडी पदाधिकारी का टेबल  सूना पड़ा था। सिर्फ एक कमरे में दो महिला सिपाही मौजूद थीं। इसी दौरान मधुबनी जिले के बसैठा गांव से दो महिलाएँ एक पुराने प्रेम-प्रसंग से जुड़े मामले को लेकर दरभंगा महिला थाना पहुँचीं थी।

इनमें से एक महिला नसरीन खातून ने बताया, “हम लोग सुबह से बैठे हैं, लेकिन अब तक किसी पदाधिकारी से मुलाकात नहीं हुई। कोई यह बताने वाला भी नहीं है कि अधिकारी कहाँ हैं।” उस समय घड़ी में सुबह के 11:30 बज रहे थे, और दोपहर के 12बजे तक थानाध्यक्ष की कुर्सी  खाली थी।

थाना केम्पस में मोटरसाईकिल पर बैठा युवक ने कहा कि सर थानाध्यक्ष अपने कमरे में होंगी लेकिन थाना के स्टाफ से पूछियेगा तों कहा जाएगा मेडम किसी केस में अनुसंधान में गई हें और वरीय पदाधिकारी से भी झूट बोल देती हें।युवक के इस बात पर हम भरोसा तों नहीं करते लेकिन थानाध्यक्ष या अन्य महिला पुलिस पदाधिकारियों का टावर लोकेशन निकाला जाय तों यह पता चल सकता हें कि इनका लोकेशन कहाँ हें।

 यहां बता देना जरूरी हें कि वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) जगन्नाथ रेड्डी जला रेड्डी पुलिस व्यवस्था को सुदृढ़ और जवाबदेह बनाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। परंतु, महिला थाना पुलिस की यह लापरवाही एसएसपी के  इरादों पर पानी फेरती नजर आ रही है।