दरभंगा तिहरा हत्याकांडः कोर्ट ने चार आरोपियों को दिया दोषी करार ,सजा 11 नवंबर को तय होगी
दरभंगा तिहरा हत्याकांडः कोर्ट ने चार आरोपियों को दिया दोषी करार ,सजा 11 नवंबर को तय होगी
दरभंगा तिहरा हत्याकांडः कोर्ट ने चार आरोपियों को दिया दोषी करार ,सजा 11 नवंबर को तय होगी
दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा/विधि संवाददाता,
दरभंगा शहर के जीएम रोड राजकुमार गंज में तिहरा हत्याकांड, (जिसमें एक गर्भस्थ शिशु की दुनियां में आने से पहले हुई मौत)मामले में चार अभियुक्तों को कोर्ट ने दोषी करार दिया है।यह सजा सिविल कोर्ट दरभंगा के जिला अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय सुमन कुमार दिवाकर की अदालत ने सुनाई है।कोर्ट ने जिला को स्तब्ध कर देने वाली इस बारदात, नगर थानाकांड सं. 39/22 से बने सत्रवाद सं.217/22 की सुनवाई पुरी कर शुक्रवार को नगर थानाक्षेत्र के जीएम रोड राजकुमार गंज निवासी नमो नारायण झा का पुत्र शिव कुमार झा,भठियारीसराय निवासी ललित ठाकुर का पुत्र भाष्कर कुमार, सिमरी थाना के लादौर निवासी मिस्टर अर्जुन सिंह का पुत्र अभिमन्यु राऊत उर्फ बाबा,और सदर थानाक्षेत्र के पोसनपुरा कबीचक निवासी दशरथ पासवान के पुत्र मिथलेश पासवान को सुनाई है।कोर्ट ने चारों जूर्मियों को भादवि की धारा -147,436,427,341,307,302 और 120(b)में ,दोषी घोषित किया है।वहीं दोषसिद्ध सभी अभियुक्तों का सजा अवधि निर्धारण के बिन्दु पर सुनवाई और निर्णय के लिए 11 नवंबर की तिथि निर्धारित किया है।लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने बताया कि 10 फरवरी 2022 की संध्या नगर थानाक्षेत्र के जीएम रोड राजकुमारगंज में जमीन माफिया ने एक मकान को तोड़कर कब्जा करना चाहा।मकान में 40 वर्षों से रह रहे संजय कुमार झा एवं उसकी बहन पिंकी कुमारी ने जब बिरोध किया तो सभी अभियुक्तों ने पेट्रोल छिड़क कर आग लगा दिया।जब उसे बचाने सबसे छोटी बहन नीकि गई तो उसे भी जला दिया।पीएमसीएच में इलाज के दौरान गर्भवती पिंकी, उसके गर्भस्थ 8 माह के शिशु तथा संजय कुमार झा की दर्दनाक मौत हो गई।इस घटना की प्राथमिकी मधुबनी जिला के पंडौल थानाक्षेत्र के सरिसवपाही निवासी स्व. श्रीनाथ झा की पुत्री और जख्मी नीकि कुमारी के फर्दब्यान पर नगर थाना में संस्थित की गई।बिचारण के दौरान अभियोजन पक्ष से एपीपी रेणू झा ने अदालत में 14 गवाहों की गवाही कराकर अभियुक्तों का जूर्म साबित करने में सफल रही।वहीं इस मामले के आरोपी मोना उर्फ एहशान, छोटू कुमार सिंह उर्फ पत्ता, मो. जावेद, सतीश पासवान, तिरुपति कुमार और विजय कुमार भगत को अदालत ने संदेह का लाभ देते हुए रिहा कर दिया ।