संवेदनशील बूथ की पहचान करने का निर्देश,मतदान केंन्द्रों का भ्रमण कर भौतिक सत्यापन होगा।
सीवान डॉ. अंबेडकर भवन के संवाद कक्ष में बिहार विधानसभा निर्वाचन 2025 के निमित्त जिला अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र में प्रतिनियुक्त सेक्टर पदाधिकारी का प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि सेक्टर ऑफिसर प्रतिनियुक्ति के साथ ही सीधे चुनाव आयोग के अधीन हो जाते हैं। सेक्टर पदाधिकारी का कार्य निर्वाचन प्रक्रिया में अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनका दायित्व सबसे पहले शुरु होकर अंत तक रहता है। उन्होंने जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि सेक्टर पदाधिकारी चुनाव की धुरी हैं तथा क्षेत्र में आप ही निर्वाचन आयोग एवं प्रशासन की आंखऔर कान हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि सबसे पहले आपको वलनरेबल क्षेत्र और क्रिटिकल बूथ की पहचान करनी है। इसके लिए उन्होंने विभिन्न मापदंड को विस्तार से बताया गया। कहा गया कि आपके पास आवंटित किए गए बूथों का नजरी नक्शा, रूटचार्ट और कम्युनिकेशन प्लान होना चाहिए। सभी प्रतिनियुक्त सेक्टर पदाधिकारी को अपने-अपने क्षेत्र केअंतर्गतआने वाले मतदान केंन्द्रों का भ्रमण कर भौतिक सत्यापन करने का निर्देश दिया गया।
इस दौरान एएमएफ और पहुंच पथ की अद्यतन स्थिति की जानकारी देने का निर्देश दिया गया। अपने क्षेत्र के इलाके का भ्रमण करते हुए आसूचना एकत्र कर भेद्यता मानचित्रण के अनुरूप कार्य करने का निर्देश दिया गया। बताया गया कि इसके आधार पर ही कार्रवाई होती है और अर्द्ध सैनिक व पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की जाती है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि आपसे यह अपेक्षा की जाती है कि आपको मॉडल कोड आफ कंडक्ट की पूर्ण जानकारी है।
ताकि क्षेत्र में उसका अनुपालन सुनिश्चित कराया जा सके। जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि स्वतंत्र निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण निर्वाचन संपन्न करने के लिए सेक्टर पदाधिकारी प्रथम आधार होते हैं। उन्होंने बताया कि चुनाव के पूर्व आप सभी को मजिस्ट्रेट की शक्ति प्राप्त हो जाती है। लॉ एंड ऑर्डर का संधारण भी आपकी जिम्मेदारी होती है।बताया गया कि ईवीएम की सुरक्षा से लेकर टैग बूथों के पोलिंग पार्टी के मतदान केंद्र तक पहुंचने, बूथ पर मॉक पोल से लेकर, सीलिंग, वास्तविक पोल, विभिन्न घोषणा आदि आपकी निगरानी में होना है।
पोल्ड ईवीएम के वज्रगृह में जमा होने और आपको मिले रिजर्व ईवीएम आवश्यकता पड़ने पर मशीन को बदलना और तत्काल उसकी रिपोर्टिंग करना भी आपकी जवाबदेही है। पीपीटी के माध्यम से समझाया गया कार्य एवं दायित्व नोडल पदाधिकारी प्रशिक्षण कोषांग उपेंद्र प्रसाद यादव ने पीपीटी के माध्यम से नियुक्ति से लेकर चुनाव पूर्व, चुनाव वाले दिन और चुनाव समाप्ति तक सभी कार्यों को बेहद सूक्षमता से समझाया। उन्होंने प्रदान किए गए किट और उसमें मौजूद विभिन्न प्रपत्र की उपयोगिता और उसे भरने के तरीके को गहनता से समझाया।
उन्होंने बताया की आवश्यकता के अनुरूप आपकी समीक्षा बैठक होगी। तब आपकी तैयारी की जांच की जाएगी। किसी भी प्रकार की चूक क्षम्य नहीं है। प्रशिक्षण में ईवीएम के संचालन, पोलिंग की प्रक्रिया, पोलिंग रिपोर्टिंग प्रतिवेदन के फॉर्मेट प्रदान किए गए।प्रशिक्षण के उपरांत उपस्थित सेक्टर पदाधिकारी का लिखित टेस्ट भी लिया गया। मौके पर वरीय पदाधिकारी प्रशिक्षण कोषांग सह जिला बंदोबस्त पदाधिकारी सिवान श्री सुजीत कुमार (भारतीय प्रशासनिक सेवा) एवं अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित रहें।
