कुशेश्वरस्थान:बाढ़ के पानी से तबाही, हजारों लोग हुए बेघर, घरों से लेकर सरकारी स्कूलों में बाढ़ का कब्जा।

दस्तक 7मीडिया ,कुशेश्वरस्थान /प्रशांत कुमार 

कोसी और कमला बलान नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से पूर्वी प्रखंड के तटबंध से पूरब बसे चार पंचायतों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनती जा रही है। इन चारों पंचायत के सभी सदस्यों गांव बाढ़ की पानी से पूरी तरह घिर गए हैं। इटहर पंचायत के चौकीया और लक्षमीनिया तथा उजुआ सिमरटोका पंचायत के कोदरा, बुढ़िया सुकराती और झाझा एवं उसरी पंचायत के छोटकी कोनिया गांव के किनारे निचले इलाकों में बसे सैकड़ों घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। फिलहाल बाढ़ प्रभावित परिवार अपने घरों में ही किसी तरह रह रहे हैं। लेकिन जलस्तर में वृद्धि का क्रम जारी रहा तो लोगों को विस्थापित होना पड़ेगा। जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से कोसी एवं कमला बलान नदी का पानी अब उछाल लेकर खेत खलिहानों में फैल गया है और खेतों में लगी फसल डुबने की कगार पर पहुंच गया है।

इटहर,चौकीया,लक्षमीनिया,बलथरवा,कोदरा,झाझा, बुढ़िया सुकराती,भरैन मुशहरी गांव के सड़कों पर पानी चढ़ जाने से लोगों को यातायात प्रभावित हो गया है। अब लोग नाव के सहारे मुख्य सड़कों पर आकर अपने गंतव्य स्थान जाते हैं। इधर फुहिया में स्लूइस गेट का फाटक बंद रहने से कमला एवं जीबछ नदी के पानी का निकासी नहीं होने से सुघराईन पंचायत में भी बाढ़ की स्थिति गंभीर बनती जा रही है।

पंचायत के सुघराईन,जिरौना, बाघमारा तथा लक्षमीनिया गांव पूरी तरह बाढ़ की पानी से घिरे हुए हैं। लोगों को गांव से बाहर निकलने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ता है। जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से खेतों में लगी फसल डुबने की कगार पर पहुंच गया है। पूर्वी सीओ गोपाल पासवान ने बताया कि नदियों के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से चौकीया,लक्षमीनिया,झाझा,कोदरा, बुढ़िया सुकराती,छोटकी कोनिया गांव में निचले इलाकों में बसे लगभग 50 से अधिक घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। फिलहाल लोग अपने अपने घरों में ही रहकर पानी घटने के इंतजार में है। अभी कोई परिवार विस्थापित नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि चौकीया और लक्षमीनिया में बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच पोलीथीन वितरण करने के लिए कर्मचारी को भेजा गया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के विभिन्न मार्गों पर 21 सरकारी नाव चलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि अगर बाढ़ को स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो बुधवार से प्रभावित गांवों में सामुदायिक किचन चलाया जाएगा।