मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना : दरभंगा सहित बिहार की 21 लाख महिलाओं के खाते में पहुँची तीसरी किस्त

दस्तक 7मीडिया  /गुंजन कुमार 

महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की तीसरी किस्त के रूप में 21 लाख महिला लाभुकों के बैंक खातों में 10-10 हजार रुपये की राशि डीबीटी के जरिए हस्तांतरित की। इस दौरान कुल 2,500 करोड़ रुपये का ऑनलाइन अंतरण हुआ।

इस योजना से अब तक 1 करोड़ 21 लाख से अधिक महिलाएं पूरे राज्य में लाभान्वित हो चुकी हैं। केवल दरभंगा जिले में ही 96 हजार महिलाएं इस बार सीधे लाभ की सूची में शामिल हुईं, जबकि जिले की कुल 4 लाख 85 हजार से अधिक जीविका दीदियां इस योजना से स्वरोजगार की ओर कदम बढ़ा रही हैं।

दरभंगा में हुआ विशेष आयोजन

समाहरणालय स्थित अम्बेडकर सभागार में जिलाधिकारी कौशल कुमार की उपस्थिति में कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दिखाया गया। इस मौके पर राज्य परियोजना प्रबंधक (नॉन फार्म) समीर कुमार और जिला परियोजना प्रबंधक डॉ. ऋचा गार्गी भी मौजूद थीं।
जिलेभर के प्रखंड कार्यालयों, 69 संकुल संघों और ग्राम संगठनों में आयोजित कार्यक्रमों में पाँच लाख से अधिक महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की।

जिलाधिकारी ने दी शुभकामनाएँ

जिलाधिकारी कौशल कुमार ने कहा कि –

“जीविका दीदियों की मेहनत, अनुशासन और लगन ने संगठन को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है।”
“जीविका ने बिहार की महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण की नई मिसाल पेश की है।”

उन्होंने यह भी कहा कि योजना से मिली 10 हजार रुपये की राशि स्वरोजगार की दिशा में महिलाओं को मजबूत आधार प्रदान कर रही है। आने वाले महीनों में उनके कार्य का आकलन कर दो लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता भी दी जाएगी।
उन्होंने उम्मीद जताई कि महिलाएं स्वरोजगार से जुड़कर “लखपति दीदी” बनेंगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देंगी।

महिलाओं की बदलती तस्वीर
• कई महिलाएं सिलाई मशीन खरीदकर रोजगार शुरू कर रही हैं।
• कुछ महिलाएं फोटोकॉपी सेंटर और छोटी दुकानें खोल रही हैं।
• कई महिलाएं पशुपालन, कृषि और घरेलू उत्पादन के क्षेत्र में निवेश कर रही हैं।
• प्रशिक्षण व्यवस्था से महिलाओं को कौशल विकास का अवसर भी मिल रहा है।

जीविका संगठन की ऊर्जा

राज्य परियोजना प्रबंधक समीर कुमार ने कहा कि यह 10 हजार रुपये सिर्फ आर्थिक मदद नहीं, बल्कि “नई शुरुआत का अवसर” है।
जिला परियोजना प्रबंधक डॉ. ऋचा गार्गी ने बताया कि दरभंगा की जीविका दीदियां इस योजना से बेहद उत्साहित हैं और अपने व्यवसाय को तेजी से आगे बढ़ा रही हैं।