दरभंगा के बिरौल नगर पंचायत में मूलभूत सुविधाओं का अभाव, नेताजी विकास की राह में रोड़ा
दरभंगा के बिरौल नगर पंचायत में मूलभूत सुविधाओं का अभाव, नेताजी विकास की राह में रोड़ा
दरभंगा के बिरौल नगर पंचायत में मूलभूत सुविधाओं का अभाव, नेताजी विकास की राह में रोड़ा
दस्तक7मिडिया, बिरौल, दरभंगा।
दरभंगा जिले के बिरौल नगर पंचायत के निवासियों में जबरदस्त आक्रोश और निराशा व्याप्त है। लगभग 15 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद जिस अफजला पंचायत को विकसित करने की उम्मीद में आनन-फानन में नगर पंचायत का दर्जा दिया गया था, वहां के लोग आज भी मूलभूत सुविधाओं जैसे पक्की सड़क, नाली, और कचरा प्रबंधन से वंचित हैं।स्थानीय निवासियों का कहना है कि नगर पंचायत बनने के बावजूद भी क्षेत्र में प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत से योजनाओं में लूट और कमीशन खोरी पंचायती राज व्यवस्था की तरह ही आज भी धड़ल्ले से जारी है।
पदोन्नति के बदले डिमोशन का दर्द–
लोगों में इस बात का भी गहरा मलाल है कि सरकार ने बिरौल क्षेत्र को विकसित करने के उद्देश्य से नगर परिषद का दर्जा देने का मन बनाया था, लेकिन एक “नेताजी” के कथित हस्तक्षेप के कारण इस विकास के रास्ते को अवरुद्ध कर दिया गया। क्षेत्र को पदोन्नत करने के बजाय नगर पंचायत के स्तर पर ही रोक दिया गया, जिसे स्थानीय लोग विकास का “डिमोशन” मान रहे हैं। इसका सीधा खामियाजा बिरौल की जनता वर्षों से भुगत रही है।
वार्ड संख्या पाँच के निवासियों का दर्द
नगर पंचायत के वार्ड संख्या पाँच के निवासियों ने अपनी व्यथा खुलकर व्यक्त की है-
राजेश चौरसिया का कहना है कि वे लोग आज भी नाली और पक्की सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं।
शिव भगत ने बताया कि नगर पंचायत चुनाव को कई वर्ष बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस है।
रामशंकर शर्मा ने सबसे बड़ी समस्या जलजमाव और आवागमन की बताई। उनके अनुसार, बारिश के समय बच्चों को स्कूल जाने में भारी दिक्कत होती है और रात के समय गंतव्य तक पहुँचना अत्यधिक कठिन हो जाता है। निवासियों ने सामूहिक रूप से बताया कि मुहल्ला मुख्य सड़क से नीचे होने के कारण लगातार जलजमाव की समस्या बनी रहती है। नालों की व्यवस्था नहीं होने से घरों का पानी बाहर निकालना भी मुश्किल हो जाता है।
शशिकांत यादव ने बताया कि मुहल्ले के अंदर कचरों का उठाव भी प्रतिदिन नहीं होता है, जिससे गंदगी और बीमारियों का खतरा बना रहता है।
नगर पंचायत बिरौल के उप मुख्य पार्षद के पद पर प्रत्याशी रहे ई गोविंद चौपाल ने प्रशासन से आग्रह किया है कि योजनाओं में पारदर्शिता लाई जाए, कमीशन खोरी पर अंकुश लगाया जाए, और प्राथमिकता के आधार पर प्रधानमंत्री आवास योजना,पक्की सड़कों एवं सुव्यवस्थित नाली-निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि बिरौल नगर पंचायत के लोगों को भी एक विकसित शहरी क्षेत्र में रहने का अनुभव मिल सके। उन्होंने कहा कि
बिरौल की जनता की यह लड़ाई उनके मूलभूत संवैधानिक अधिकारों के लिए है। प्रशासन को इस दिशा में तुरंत ध्यान देने की आवश्यकता है।