नेपाल में भारी बारिश से कोसी सहित उसकी सहायक नदियां उफान पर हैं। सुपौल के छह प्रखंड बाढ़ से प्रभावित हैं। करीब 100 सौ के 5 हजार घरों में पानी भर गया है। मधुबनी में एक लाख की आबादी प्रभावित हो गई है।

नेपाल के सरिसवा नदी में आई बाढ़ ने रक्सौल और उसके आसपास के इलाके में बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। बाढ़ का पानी निचले इलाके रामगढ़वा, सुगौली, सेमरा, मोतिहारी तक फैल रहा है।

अररिया के पिपरा में प्रमाण नदी का बांध टूट जाने से 4 वार्ड में पानी घुस चुका है। लगभग 1000 घरों में बाढ़ का पानी भर गया है। इधर, वैशाली के गनियारी निचली दियारा इलाके में कटाव से लोगों में दहशत है।

इधर, किशनगंज में टेढ़ागाछ से बहादुरगंज को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर चन्द्र गांव पुल के ऊपर से नदी का पानी बह रहा है।

अररिया में बांध टूटने के कारण एक हजार घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है।

किशनगंज में टेढ़ागाछ से बहादुरगंज को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर चन्द्रगांव पुल के ऊपर से नदी का पानी बह रहा है।

 

नेपाल में बारिश से सरिसवा नदी में बाढ़ है। पानी रक्सौल के रामगढ़वा, सुगौली, सेमरा, मोतिहारी तक फैल रहा है।
वैशाली के निचले इलाके में कटाव हो रहा है।

 

रक्सौल में भारतीय दूतावास के बंगले में भरा पानी।
32 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट

मौसम विज्ञान केंद्र ने आज यानी सोमवार को प्रदेश के 32 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र की माने तो 7 अक्टूबर तक प्रदेश के अधिकांश इलाकों में बादल छाए रहेंगे। इस दौरान कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

वहीं, कुछ जिलों में तेज बारिश होने की संभावना है। बारिश की वजह से अधिकतम तापमान में गिरावट आएगी। इस दौरान अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जाएगी।

57 साल बाद कोसी बराज से छोड़ा गया 5 लाख क्यूसेक पानी

कोसी बराज से रविवार की देर शाम 8 बजे 5 लाख 19 हजार 470 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया है। 57 साल पहले 5 अक्टूबर को ही कोसी में 7 लाख से अधिक डिस्चार्ज हुआ था। कोसी बराज से इस वर्ष का यह सर्वाधिक वाटर डिस्चार्ज है।

इससे सुपौल, अररिया और आसपास के निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। किशनगंज में नदियों के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।

नेपाल में लगातार हो रही बारिश के बाद सुपौल में कोसी और मधुबनी में कमला नदी उफान पर है। इससे दोनों जिलों के गांव में बाढ़ जैसे हालात बन गए। करीब 700 घरों में कोसी नदी का पानी घुस गया है। बाढ़ के खतरे को देखते हुए कोसी बराज के 56 गेट खोले गए हैं। सुपौल में बाढ़ के कहर से घर छोड़कर ऊंचे स्थान की ओर लोग जा रहे हैं।

शनिवार की शाम से ही कोसी नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी शुरू हो गई थी। इसे देखते हुए देर रात कोसी बराज पर लालबत्ती जला दी गई। साथ ही वाहनों के आनेजान पर रोक लगा दी गई, हालांकि बाद में इसे चालू कर दिया गया।

इस दौरान देर रात ही इस सीजन में पहली बार कोसी बराज के सभी 56 फाटक खोल दिए गए थे। सुपौल में संभावित आपदा को लेकर शनिवार की शाम से ही जिला प्रशासन की ओर से लाउडस्पीकर के माध्यम से माइकिंग कर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई।

माइकिंग के जरिए लोगों को बाढ़ के लिए अलर्ट किया गया।
कोसी में उफान के बाद बाढ़ जैसे हालात, लोग ऊंचे स्थानों पर जा रहे हैं।
कोसी में उफान के बाद बाढ़ जैसे हालात, लोग ऊंचे स्थानों पर जा रहे हैं।
बंगाल की खाड़ी में बना लो प्रेशर का एरिया

मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि, ‘बंगाल की खाड़ी और उसके आसपास के इलाकों में लो-प्रेशर (निम्न दबाव) का क्षेत्र बना है। इसके साथ ही दक्षिण-पूर्वी हवा और मध्य भारत की तरफ से आ रही हवा नमी लेकर आ रही है। इसके प्रभाव के कारण बिहार के ऊपर मानसूनी ट्रफ लाइन सक्रिय हो गई है।

नेपाल के तराई क्षेत्र और गंगा के मैदानी इलाकों में भी लगातार नमी जमा हो रही है, जिससे बारिश की स्थिति बन गई है। इसके अलावा पश्चिमी विक्षोभ की एक हल्की धुरी भी उत्तर भारत की ओर बढ़ रही है, जिससे बादलों को अतिरिक्त सपोर्ट मिल रहा है।

पटना में आज कैसा रहेगा मौसम

राजधानी में दिनभर आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। दोपहर और शाम के बीच कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। अधिकतम तापमान 30 से 31 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा, जबकि न्यूनतम तापमान 23 से 24 डिग्री के आसपास दर्ज किया जाएगा।

धीरे-धीरे बारिश कम हो जाएगी

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि, 6 और 7 अक्टूबर को भी यही प्रणाली बनी रहेगी, हालांकि बारिश की तीव्रता धीरे-धीरे कम होने लगेगी। दक्षिण बिहार में हल्की बारिश हो सकती है। जबकि उत्तर बिहार में कुछ स्थानों पर मध्यम बारिश की संभावना बनी रहेगी।