खराब मौसम में पहाड़ से होने लगा पानी का रिसाव, अब नीचे के गांवों में बाढ़ का खतरा

 

कैमूर जिले के रामपुर प्रखंड में खराब मौसम के साथ-साथ पहाड़ से लगातार पानी रिसाव से बाढ़ जैसे हालात बन गए है. ग्रामीण महिलाओं ने प्रशासन के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए है. इस बाढ़ से करीब 50 से अधिक महादलित परिवार प्रभावित हुए है.

 

बिहार में कैमूर जिले के रामपुर प्रखंड के भीतरी बांध गांव में पिछले एक महीने से पहाड़ से लगातार पानी का रिसाव हो रहा है, जिसके कारण बाढ़ जैसे हालात बन गए है. गांव के महादलित बस्ती की गलियों में दो फीट तक पानी जमा हो गया है. लगातार दो-तीन दिनों से हो रही बारिश ने स्थिति को और भी गंभीर बना दिया है. ग्रामीणों के अनुसार सैकड़ों घर बाढ़ के पानी से प्रभावित है और कई घरों में पानी घुस गया है.

 

अब तक 30 से 40 मिट्टी के घर बारिश और जलजमाव के कारण गिर चुके हैं. महादलित बस्ती में चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है. सैकड़ों एकड़ में खड़ी धान की फसल पूरी तरह जलमग्न हो चुकी है.

 

ग्रामीणों को घुटने भर पानी को पार करके रोजमर्रा के काम को करने जाना पड़ रहा है. ग्रामीण महिलाओं ने पानी निकासी की व्यवस्था नहीं होने पर प्रशासन के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाकर विरोध जताया हैं. उनका कहना है कि एक सप्ताह पहले पूर्व विधायक और लघु सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने स्थल का निरीक्षण किया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है.

 

गांव में प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी और बीडीओ दृष्टि पाठक ने दौरा कर स्थिति की जानकारी ली और जल्द समाधान का आश्वासन दिया.

 

पीड़ित उषा देवी, सिंघासन राम, प्रीति देवी, रमुनी देवी, मालती देवी और सुनील राम सहित अन्य ने बताया कि इस बाढ़ ने करीब 50 से अधिक महादलित परिवार को प्रभावित किया हैं. पिछले एक महीने से पानी गलियों में जमा है, जिससे आवागमन बेहद कठिन हो गया है. कई परिवारों को अपने घर छोड़कर दूसरे स्थानों पर शरण लेना पड़ा है. ग्रामीण अब प्रशासन से तत्काल राहत और स्थायी जल निकासी व्यवस्था की मांग कर रहे हैं.