किशनगंज नेशनल कमीशन फॉर बैकवर्ड क्लासेज की टीम के सामने सुरजापुरी समाज के पिछड़ेपन और आरक्षण को लेकर जनसुनवाई हुई है। शनिवार को पटना में हुई बैठक में सुरजापुरी आरक्षण पर मजबूती से पक्ष रखा गया। राजद नेता सह पूर्व विधायक मुजाहिद आलम ने बताया कि बैठक में बतौर सदस्य हसन जावेद शामिल हुए। उन्होंने सुरजापुरी समाज के पिछड़ेपन पर विस्तार से जानकारी दी।
इस दौरान समाज को मुख्यधारा में शामिल करने के लिए आरक्षण की जरुरतों से संबंधित ठोस साक्ष्य रखा। जिसे आयोग के अध्यक्ष ने गंभीरता से लिया। इस लिहाज से सुरजापुरी आरक्षण का मामला अब राज्य नहीं बल्कि केंद्र सरकार के सामने भी विचाराधीन है। राष्ट्रीय पिछड़ा आयोग के अध्यक्ष हंसराज गंगाराम अहीर और आयोग के सदस्य भूवण भूषण कमल की मौजूदगी में सुरजापुरी समाज को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। इस मौके पर सभी तथ्यों को सामने में रखने का मौका मिला।
वहीं, भौगोलिक और आर्थिक स्थिति से भी आयोग को अवगत कराया। इस दौरान राज्य सरकार के आला अधिकारी भी मौजूद रहे। जन सुनवाई के दौरान सुरजापुरी समाज को बिहार आरक्षण सूची में अनुसूची-1 और केंद्र में ओबीसी आरक्षण सूची में शामिल करने का आग्रह किया गया। जिस पर आयोग के अध्यक्ष ने संबंधित अधिकारी और पिछड़ा आयोग के प्रधान सचिव से आंकड़े पेश करने के निर्देश दिए। वहीं, राज्य सरकार की तरफ से आश्वस्त किया किया गया कि सुरजापुरी समाज से संबंधित आंकड़े जुटा लिए गए हैं। बैठक के बाद सुपुर्द कर दिया जाएगा। जिस पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन मिला है।
गौरतलब है कि कोचाधामन के पूर्व विधायक मास्टर मुजाहिद आलम के आवेदन पर कमीशन ने सुरजापुरी आरक्षण को जनसुनवाई के लिए पहले नंबर पर शार्ट लिस्ट किया था। मास्टर मुजाहिद आलम के पटना में मौजूद नहीं रहने पर उनके तरफ़ से हसन जावेद को कार्यक्रम में हिस्सा लेने का मौका मिला। इस दौरान सुरजापुरी समाज के पिछड़ेपन की कहानी और इससे उबरने के लिए आरक्षण की जरुरतों को कमीशन के सामने रखा।
