कटिहार में लगातार हो रही बारिश के कारण रेल परिसर और रेलवे ट्रैक जलमग्न हो गए। इससे यात्रियों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, ट्रेनों के संचालन में कोई बाधा नहीं आई है। स्टेशन परिसर के कई हिस्सों में घुटनों तक पानी भर गया।
इससे यात्रियों को प्लेटफॉर्म तक पहुंचने और आवागमन में काफी दिक्कत हुई। कुछ यात्रियों ने बताया कि उन्हें बारिश में सवारी नहीं मिलने के कारण सामान लेकर पानी में ही चलना पड़ा।
डीसीएम ने जलजमाव का किया निरीक्षण
स्थिति का जायजा लेने के लिए सीनियर डीसीएम अनूप कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने जलजमाव और सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया। सिंह ने आश्वासन दिया कि भविष्य में जलजमाव की समस्या से बचने के लिए रेल प्रशासन स्थायी समाधान पर काम कर रहा है। उन्होंने यात्रियों से संयम और सहयोग की अपील करते हुए स्टेशन परिसर में सफाई व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए।
बारिश रुकने के कुछ ही घंटों बाद रेल परिसर से पानी धीरे-धीरे कम होने लगा। हालांकि, रेल में समुचित निकासी व्यवस्था (एक्जिट ड्रेन) न होने के कारण यह समस्या हर साल उत्पन्न होती है।
बारिश होते ही तालाब बन जाता है स्टेशन
स्थानीय यात्रियों जैसे राजकुमार वर्मा, गौरव केडिया, मो. सोयल, पंकज गुप्ता, सोनम कुमारी और प्रीति गाइड ने बताया कि हर साल यही स्थिति होती है। थोड़ी सी बारिश में स्टेशन तालाब बन जाता है। उन्होंने रेलवे से जल्द से जल्द इससे निपटने की योजना बनाने की मांग की।
आंधी-तूफान का यलो अलर्ट जारी
वहीं जिले में 5 अक्टूबर 2025 को भारी वर्षा, वज्रपात और 40-60 किमी/घंटा की रफ्तार से आंधी-तूफान का यलो अलर्ट जारी किया गया है। यह चेतावनी बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग और बिहार मौसम सेवा केंद्र, पटना द्वारा जारी की गई है। पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तरी और पूर्वी भागों में अत्यधिक भारी वर्षा हो सकती है।
इसके साथ ही, उत्तर बिहार की नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों में भी भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना है। इससे उत्तर बिहार की नदियों में जलस्तर और जलप्रवाह में वृद्धि हो सकती है।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे इन निर्देशों का पालन करें। अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और पेड़, बिजली के खंभे या कमजोर संरचनाओं के नीचे शरण न लें। नदी, तालाब, नहर या किसी भी जल स्रोत से दूर रहें और अपने बच्चों को भी इनसे दूर रखें।
पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर रखें
वर्षा और वज्रपात के दौरान खुले खेतों में कृषि कार्य न करें। पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर रखें और उन्हें खुले में न बांधें। किसी भी आपात स्थिति में संबंधित अंचलाधिकारी और स्थानीय थाने को तत्काल सूचित करें। जिला आपातकालीन संचालन केंद्र के दूरभाष नंबर 06452239025, 06452239026, और 06452242400 पर भी सूचना दी जा सकती है।
