स्वर्ण व्यवसायी मनीष गुप्ता की मौत की क्या हें मिस्ट्री :हत्या ,आत्महत्या या हादसा ?सभी एंगल से पुलिस जांच में जुटी।कौन हें वह टोंटों चालक ,जिसपर बेठकर गये थे व्यवसायी मनीष।
दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा /
स्वर्ण व्यवसायी मनीष गुप्ता की संदिग्ध मौत को लेकर कई सवाल लोंगों के बींच हें ?दुर्घटना से मौत हुई या फिर हत्या या आत्महत्या ?इन सवालों के उपर से पुलिस को जांच कर आगे की दिशा में कारवाई करने की जरूरत सामने आ रही हें और पुलिस इस एंगल से जांच में भी जुट गई हें।
इन सवालों से उबरने के लिये पुलिस ने स्पष्ट रूप से परिजनों को कह दिया हें कि दोनों एंगल से पुलिस जांच करेगी। टावर चौंक पर स्वर्ण व्यवसायी की दुकान ,गणेश मंदिर के पास घर, और कई टुकड़ों में लाश, एन एच 27पर,सवाल खड़ा करता हें ,क्यूंकि एनएच 27पर व्यवसायी के जाने का मतलब स्पष्ट नहीं हो रहा हें।
इस पूरे घटनाक्रम को गौर से समझने का प्रयास करे तों चौंकाने वाले कई तथ्य सामने आ रहें हें ,और इन तथ्यों में एक तथ्य यह भी हो सकता हें कि स्वर्ण व्यवसायी मनीष गुप्ता कहीं आत्महत्या तों नहीं कर लिया ??तथ्य यह भी हो सकता हें कि किसी ने मारकर उसकी हत्या कर दी हो और लाश वहां फेंक दिया हो ?इस मामले का खुलासा स्वर्ण व्यवसायी के घर से लेकर एनएच 27तक के सीसीटीवी फुटेज के अवलोकन से होगा ?यह सीसीटीवी फुटेज ही संदिग्ध मौत का पर्दाफाश कर सकता हें ।व्यवसायी के घर में भी सीसीटीवी फुटेज हें।
सवाल यही कि स्वर्ण व्यवसायी एन एच 27की ओर आखिर किन कारणों से गये ,उन्होंने दों चक्का -चार चक्का वाहनों का इस्तेमाल नहीं किया ,क्यूंकि घटनास्थल से कोई गाड़ियां बरामद नहीं हुई ,यही नहीं उनके गर्दन या अंगुली से कोई सोने का आभूषण पुलिस को बरामद नहीं हुआ ,यहां तक कि उनके जेब से ना ही पुलिस को पर्स बरामद हुआ और ना ही कोई मोबाईल।यही नहीं कुछ लोग बता रहें हें कि दों ढाई बजे दिन में ही दुकान से घर की और वे निकले थे और दिन दहाड़े 3बजे या साढ़े तीन बजे के बींच उनकी छत विक्षत लाश सड़कों पर बिखरी पड़ी थी ,पुलिस को सूचना दी गई ,पुलिस पहुंची तब तक लोंगों ने सड़क जाम कर दिया ,सदर एसडीओ और सदर एसडीपीओ भी घटना स्थल पर गये ,परिजनों को सांत्वना दी ,एफआईआर करने की सलाह दी ,क्यूंकि अधिकांश लोग कह रहें थे कि यह हत्या का मामला हें ,दोनों अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि पुलिस हत्या के एंगल से भी जांच करेंगी ,इसके बाद जाम हटा और लाश को पोस्टमार्टम के लिये भेजा गया। लेकिन इन सभी बातों से इतर यह भी प्रश्न हें कि कहीं स्वर्ण व्यवसायी ने आत्म हत्या तों नहीं कर ली।सूत्र बताते हें कि घर पर ही उन्होंने अपना पर्स और मोबाईल छोड़ा यहां तक कि अंगुली और गले से चेन अंगूठी निकालकर फिर एन एच 27पर उनकी छत विक्षत लाश मिली ,कहीं ऐसा तों नहीं कि घर से निकलने के तीन किलोमीटर बाद ट्रक के सामने अचानक कूदकर अपनी इहलीला समाप्त कर ली हो ?
टोंटों को खोज रहा हें स्थानीय लोग
स्वर्ण व्यवसायी दुकान से निकलकर घर के लिये निकले थे तों किसी टोंटों पर बैठकर गये थे,कई स्थानीय लोग यह बता रहें हें । अब वह कौन सा टोंटों हें और उन्हें कहाँ तक ले गया था ,अगर उन्हें उनको घर तक छोड़ा था या घर जाकर फिर उसी टोंटों से एन एच 27तक वें गये थे यह टोंटों चालक से पता चल सकेगा।
ज्यादातर लड़की और महिलाएं करती हें काम
स्थानीय लोग यह भी बता रहें हें कि स्वर्ण व्यवसायी के यहां दुकान में ज्यादातर लड़की/ महिलाएं काम करती थी ,सूत्र का यह भी कहना हें कि कहीं इन लड़की /महिलाओ से कोई चक्कर तों नहीं ?अंदेशा यह भी हें कि कहीं इस प्रेम प्रसंग का शिकार तों नहीं हो गये? स्वर्ण व्यवसायी। या तों दबाव में उन्होंने आत्महत्या कर लिया हो ,एन एच 27पर जाकर सीधे ट्रक के आगे कूद गये हो ,या फिर किसी ने हत्या कर उनकी लाश को वहां फेंक दिया हो। लेकिन एक बात इतना जरूर हें कि दुकान छोड़ने और घटना स्थल के समय की बात हो तों महज एक घंटे या उससे कम समय में कोई हत्या कर सड़क किनारे कैसे फेंक सकता हें। कई ऐसे सवाल हें जिसे पुलिस को हल करना हें हत्या हें या आत्म हत्या या फिर यू कहें कि सड़क दुर्घटना।
चुनाव का समय हें लोग हत्या कहने पर ज्यादा गौरवान्वित महसूस करेंगे और यह भी कहेंगे कि एक स्वर्ण व्यवसायी का केस सुलझा नहीं और दूसरे स्वर्ण व्यवसायी की हत्या हो गई।
तार्किक बातें यह हें कि घटना स्थल से ना ही कोई सोने की अंगूठी ,चेन ,मोबाईल ,पर्स आदि पुलिस को बरामद हुई हें ,जिससे कोई ऐसा ठोस सबूत पुलिस को हाथ लगे ,इसके लिये स्वर्ण व्यवसायी के नंबर के टावर लोकेशन से पता चलेगा ?कहाँ से चले थे और अंतिम लोकेशन इनका क्या था। अगर अंगूठी ,चेन ,मोबाईल और पर्स घर में छोड़कर व्यवसायी घर से निकले हें तों ऐसे में क्या समझा जाय ?पोस्टमार्टम रिपोर्ट ,एफएसएल की जांच और कई बिंदुओं के जांच रिपोर्ट,सीसीटीवी फुटेज परखने के बाद ही पुलिस किसी भी निर्णय पर पहुंच सकती हें और पुलिस इस प्रयास में जुट भी गई हें कि स्वर्ण व्यवसायी की हत्या हुई हें या फिर कुछ और ?पुलिस के अनुसंधान के बाद ही सच्चाई सामने आ सकती हें।सभी एंगल से पुलिस जांच करना शुरू कर दी हें।
