मब्बी थाना के लापरवाह थानाध्यक्ष और अनुसंधानक से शो काउज,356 लीटर शराबकांड में पुलिस की लापरवाही से दों शराब तस्कर जमानत पर आजाद ,90दिन तक न्यायालय में आरोप पत्र नहीं किया समर्पित 

दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा/विधि संवाददाता,

दरभंगा जिला के उत्पाद अधिनियम के विशेष न्यायाधीश श्रीराम झा की अदालत ने शराब तस्करी के आरोप में काराधीन अभियुक्तों के बिरुद्ध ससमय आरोप पत्र समर्पित नहीं किये जाने की वावत जमानत पर मुक्त किया। काराधीन अभियुक्त द्वय की जमानत याचिका की सुनवाई में मब्बी थाना की पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है।पुलिस की इस लापरवाही का प्रत्यक्ष कानूनी लाभ दो अभियुक्तों को मिला है।उत्पाद अधिनियम के विशेष लोक अभियोजक हरेराम साहू ने बताया कि मब्बी थानाकांड सं.85/25 में पुलिस ने एक ट्रक से 356 लिटर विदेशी शराब के साथ 27 जून 25 को उत्तर प्रदेश प्रान्त के अलीगढ़ जिला के जमा थानाक्षेत्र के ग्राम छेरत के छोटे खां का पुत्र सफीक खां और सुपौल जिला के पिपरा थानाक्षेत्र के बसहा निवासी युगल चौधरी का पुत्र गणेश कुमार को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया।जहां से कोर्ट ने दोनो शराब तस्कर को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।नियमानुसार, काराधीन दोनो अभियुक्त के खिलाफ अनुसंधान पुरा कर 90 दिनों के अन्दर आरोप पत्र समर्पित करना था।न्यायालय से स्मारित किये जाने के बाबजूद मब्बी थानाकांड सं.85 /25 के अनुसंधानक रविशंकर पाण्डेय ने अदालत में काराधीन अभियुक्त के मामले में आरोपपत्र समर्पित नही किया।फलतः उत्पाद अधिनियम के प्रथम विशेष न्यायाधीश श्रीराम झा की अदालत काराधीन दोनो अभियुक्त को दप्रसं की धारा 167(2) का लाभ प्रदान करते हुए जमानत पर मुक्त करने का आदेश दिया है।वहीं मब्बी थानाध्यक्ष रौशन कुमार और अनुसंधानक रविशंकर पाण्डेय को शो काऊज करते हुए 8 अक्टूबर तक न्यायालय में स्पष्टीकरण दाखिल करने का आदेश दिया है कि क्यों नही उनके विरुद्ध एस एसपी दरभंगा को कार्रवाई करने के लिए सूचित किया जाय।बहरहाल पुलिस की इस बड़ी लापरवाही का प्रत्यक्ष कानूनी लाभ दोनो काराधीन आरोपियों को मिल गई है।