दरभंगा की धरती लहूलुहान: आभूषण व्यापारी राहुल उर्फ जीतू की गोली मारकर हत्या,

दस्तक 7 मीडिया ,दरभंगा /

एक बार फिर दरभंगा की धरती खून से रंग गई। शहर के बाकरगंज मुहल्ले का लाल, आभूषण व्यवसायी बबलू साह के पुत्र राहुल उर्फ जीतू अब इस दुनिया में नहीं रहा। उसकी गलती सिर्फ इतनी थी कि वह रोज़ की तरह दुकान बंद कर घर लौट रहा था। लेकिन शुक्रवार की रात उसके जीवन का अंतिम सफर बन गई।

घटनाक्रम

राहुल का ब्रहमोत्रा में आभूषण की दुकान हे , रोज की तरह वह झोले में गहने और नगदी लेकर घर—लहेरियासराय थाना क्षेत्र के बाकरगंज—लौट रहा था। लेकिन नियति को कुछ और ही मंज़ूर था। बताया जाता है कि एपीएम थाना क्षेत्र में, होली मेरी स्कूल से कुछ दूरी पहले ही, दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार अज्ञात अपराधियों ने उसका रास्ता रोक लिया।
बिना कुछ कहे-पूछे, निर्मम अपराधियों ने उसके सीने में गोली दाग दी। राहुल दर्द से कराहता हुआ सड़क पर गिर पड़ा।

मौत और मातम

स्थानीय लोगों ने तत्काल उसे निजी अस्पताल पहुँचाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जैसे ही यह खबर फैली, परिजनों की चीख-पुकार से अस्पताल का माहौल गूंज उठा। लोगों की आंखों से आँसू रुकने का नाम नहीं ले रहे था , पूरा इलाका मातम में डूब गया।

सवालों के घेरे में पुलिस

घटना की सूचना पर कई थाना की पुलिस मौके पर पहुँची, परंतु लोग ग़ुस्से से भरे थे। भीड़ सवाल कर रही थी—
• जब अपराधी खुलेआम गोली चला सकते हैं तो पुलिस गश्ती कहाँ थी?
• डायल 112 पर जो दंभ पुलिस भरती है , उसकी गाड़ियाँ उस वक़्त कहाँ थीं जब राहुल की सांसें टूट रहीं थीं?
• आखिर कब तक दरभंगा की सड़कों पर लहू बहता रहेगा?

स्थानीय लोग साफ कह रहे थे कि जिले में रात्रि दिवा  गश्ती नाम की कोई व्यवस्था नहीं बची है। अपराधियों का हौसला बुलंद है और पुलिस-प्रशासन मूकदर्शक बना बैठा है।

लूट की आशंका

माना जा रहा है कि अपराधी राहुल के झोले में रखे कीमती गहने और नकदी लेकर फरार हो गए। वारदात के पीछे संगठित गिरोह का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है।

प्रशासन के लिए चुनौती

यह हत्या केवल एक परिवार का दुख नहीं है, बल्कि पूरे शहर की सुरक्षा पर सवाल है। एक मेहनतकश व्यापारी, जिसने अपनी मेहनत से व्यवसाय खड़ा किया, उसे दिनदहाड़े अपराधियों ने छीन लिया। अब देखना होगा कि पुलिस इस सनसनीखेज़ हत्या का पर्दाफाश कितनी जल्दी करती है।