मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जदयू के कार्यकर्ताओं से संवाद भी करेंगे।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गुरुवार को भागलपुर के दौरे पर रहेंगे। सन्हौला प्रखंड के अरार पंचायत में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर प्रशासनिक स्तर से लेकर पार्टी स्तर तक तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

निर्धारित के मुताबिक, मुख्यमंत्री सबसे पहले अरार पंचायत पहुंचकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे स्वर्गीय सदानंद सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री सीलन खजुरिया पंचायत स्थित महादेव स्थान में पार्टी कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे।

महादेव स्थान में मुख्यमंत्री के संवाद कार्यक्रम के लिए जर्मन हैंगर लगाया गया है। करीब पांच हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। कार्यक्रम को सफल बनाने को लेकर जदयू व कांग्रेस से जुड़े स्थानीय नेता लगातार कैंप कर रहे हैं।

जदयू के सीनियर नेता खुद कर रहे कार्यक्रम की तैयारियों की मॉनिटरिंग

जदयू के सीनियर नेता और स्वर्गीय सदानंद सिंह के बेटे सुभानंद मुकेश ने पूरे आयोजन की मॉनिटरिंग की। उन्होंने बताया कि आजादी के बाद पहली बार किसी मुख्यमंत्री का कार्यक्रम इस पंचायत में हो रहा है। इसे लेकर ग्रामीणों में जबरदस्त उत्साह है। जगह-जगह स्वागत द्वार और सजावट की जा रही है।

सुभानंद मुकेश ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का यह दौरा ऐतिहासिक साबित होगा। गांव-गांव से लोग यहां जुटेंगे। लंबे समय से लोग इंतजार कर रहे थे कि यहां मुख्यमंत्री आएं और विकास की सौगात दें।

उन्होंने कहा कि यदि जदयू उन्हें कहलगांव विधानसभा से उम्मीदवार बनाती है तो वे चुनाव लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर सन्हौला प्रखंड के पंचायतों में इस समय मेले जैसा माहौल है। ग्रामीण, कार्यकर्ता और स्थानीय लोग सुबह से ही कार्यक्रम स्थल पर जुटने की तैयारी में हैं।

जानिए, कौन थे सदानंद सिंह?

कांग्रेस के सीनियर नेता रहे सदानंद सिंह का 8 सितंबर 2021 को निधन हुआ था। सदानंद सिंह भागलपुर के कहलगांव विधानसभा सीट से 9 बार विधायक चुने गए थे। वे एक बार बिहार विधानसभा के अध्यक्ष भी रहे थे। इसके अलावा, वे बिहार सरकार में मंत्री भी रहे थे।

सदानंद सिंह का भागलपुर के कहलगांव के धुआवै गांव में पैतृक घर था। 2020 के विधानसभा चुनाव में उनके बेटे शुभानंद मुकेश को कांग्रेस की ओर से चुनाव लड़ने के लिए टिकट दिया गया था, लेकिन वे भाजपा के पवन कुमार यादव से एक लाख से ज्यादा वोटों से हार गए।

सदानंद सिंह साल 1969 से राजनीति में एक्टिव हुए थे। तीन साल के बाद यानी 1972 में उन्होंने पहली बार चुनाव लड़ा और जीत दर्ज कर विधायक बने। इसके बाद लगातार चार बार विधायक चुने गए। पांचवीं और छठी बार उन्हें राजद के महेश प्रसाद मंडल ने हराया। फिर सातवीं बार चुनाव लड़े और विधायक चुने गए। इसके बाद वे जदयू के अजय मंडल से हार गए और अगले चुनाव में फइर से जीत दर्ज की।

जानकारी के मुताबिक, सदानंद सिंह ने एक बार निर्दलीय भी चुनाव लड़कर जीत हासिल की थी।