रात्रि गश्ती के बहाने चोरी: सीसीटीवी में कैद हुए पुलिस जवान, ग्रामीणों ने किया पर्दाफाश,जांच कर मामले से पर्दा हटाना पुलिस की जवाबदेही।
रात्रि गश्ती के बहाने चोरी: सीसीटीवी में कैद हुए पुलिस जवान, ग्रामीणों ने किया पर्दाफाश,जांच कर मामले से पर्दा हटाना पुलिस की जवाबदेही।
रात्रि गश्ती के बहाने चोरी: सीसीटीवी में कैद हुए पुलिस जवान, ग्रामीणों ने किया पर्दाफाश,जांच कर मामले से पर्दा हटाना पुलिस की जवाबदेही।
दस्तक 7मीडिया /सुपौल
रक्षक ही भक्षक बन जाएं तो जनता कहाँ जाए? ऐसा ही मामला सुपौल जिले के राघोपुर थाना क्षेत्र के गणपतगंज बाज़ार में सामने आया है। बीते एक महीने से लगातार फल दुकानों में हो रही चोरी का खुलासा सीसीटीवी फुटेज से हुआ है, जिसमें ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड जवान ही चोरी करते नज़र आ रहे हैं।
क्या है मामला?
• स्थानीय दुकानदारों मोहम्मद उस्मान, मोहम्मद फिरोज और जयकृष्ण कुमार यादव की फल दुकानों से पिछले एक महीने से चोरी की घटनाएं हो रही थीं।
• दुकानदारों ने इसकी शिकायत थाना प्रभारी से की, लेकिन उल्टा उन्हें डांट-फटकार कर भगा दिया गया।
• परेशान दुकानदारों ने जब बाज़ार में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की तो चौंकाने वाला सच सामने आया।
फुटेज में क्या दिखा?
• वीडियो में रात्रि गश्ती में तैनात होमगार्ड जवान मनोज यादव और कमल किशोर यादव रात के करीब 2 बजे दुकानों में चोरी करते दिखे।
• इस दौरान एक गश्ती गाड़ी भी पास में आकर रुकी।
• ग्रामीणों के मुताबिक, दोनों जवान पिछले चार महीने से लगातार दुकानों से महंगे फल चुरा रहे थे।
• जब ग्रामीणों ने सवाल उठाए तो जवान बच्चों पर आरोप मढ़कर मामले को टालते रहे।
ग्रामीणों का खुलासा
ग्रामीणों ने यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो सामने आने के बाद आरोपी जवानों ने गलती स्वीकार करते हुए लोगों से मामले को दबा देने की अपील की।
पुलिस पर सवाल
लोगों का कहना है कि शिकायत के बावजूद थाना अध्यक्ष की चुप्पी और लापरवाही से ग्रामीणों का भरोसा पुलिस पर से उठता जा रहा है।
अब सवाल यह है कि जब सुरक्षा का जिम्मा उठाने वाले ही अपराध में शामिल हों तो आम जनता किस पर भरोसा करे?स्थानीय पुलिस इस मामले के सामने आने पर कुछ भी बताने से परहेज कर रही हे।ऐसे में सवाल यही हे कि वायरल वीडियो की जांच कौन करेगा ,पुलिस को इस मामले में जांच करानी चाहिये ,ताकि लोंगों का पुलिस पर विश्वास बना रहें ,अगर जांच में इस बात की पुष्टि नहीं होती हे तों जांचों उपरांत पुलिस को यह सच्चाई भी सामने रखनी चाहिये, अगर दोषी हे तों कारवाई करनी चाहिये।हालांकि स्थानीय पुलिस इस मामले को गलत ठहरा रही हे ,कहती हे कि वायरल वीडियो में चोरी करने का कोई प्रमाण नहीं हे।
दस्तक मीडिया इस वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है।