नीतीश–मोदी के गुंडाराज के खिलाफ भाकपा (माले)–इंसाफ मंच का प्रतिवाद मार्च,

दलित–अल्पसंख्यकों की हो रही हत्याओं पर सरकार से जवाबदेही की मांग

दस्तक 7मीडिया ,दरभंगा /

नवादा, जहानाबाद, जमुई और वैशाली में हुई दलित–अल्पसंख्यकों की जघन्य हत्याओं के खिलाफ मंगलवार को भाकपा (माले) और इंसाफ मंच ने दरभंगा में प्रतिवाद मार्च निकाला। यह मार्च लहेरियासराय चिल्ड्रेन पार्क से शुरू होकर समाहरणालय, टॉवर, थाना, लोहिया चौक होते हुए पुनः टॉवर चौक पर सभा में तब्दील हुआ।

सभा की अध्यक्षता मो. जमालुद्दीन ने की और संचालन इंसाफ मंच के जिला सचिव मकसूद आलम पप्पू ख़ां ने किया।

नेताओं के प्रमुख वक्तव्य

नेयाज अहमद (प्रदेश उपाध्यक्ष, इंसाफ मंच)

“बिहार में नीतीश–भाजपा का गुंडाराज चल रहा है। सब्जी बेचने वाले मोहसिन से रंगदारी नहीं मिलने पर जहानाबाद में हत्या, जमुई जेल में डब्लू चौधरी से रिश्वत की मांग और हत्या, वैशाली में मो. नासिर की हत्या और नवादा में संतोष मांझी की क्रूर हत्या – यह सब प्रशासनिक विफलता का परिणाम है।”
अभिषेक कुमार (राज्य कमिटी सदस्य, भाकपा माले)

“नवादा के संतोष मांझी की आंख निकालकर हत्या करने वाला निर्भय पांडे आज तक गिरफ्तार नहीं हुआ। यह कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल है।”
मकसूद आलम पप्पू ख़ां जिला सचिव, इंसाफ मंच

“दलितों, अल्पसंख्यकों और महिलाओं की लगातार हत्याओं व अपराधों पर नीतीश सरकार को जवाब देना होगा।”
नन्द लाल ठाकुर (भाकपा माले) व हरि पासवान (पूर्व प्रमुख)
“दरभंगा के डरहार गांव में सूरज यादव की हत्या के असली साजिशकर्ता को उजागर करे प्रशासन और निर्दोष लोगों को फंसाने से बाज आए।”

मार्च में भागीदारी

मार्च व सभा में विनोद सिंह, साधना शर्मा, कामेश्वर पासवान, सरफराज अंसारी, मो. सज्जाद, मुर्तजा राईन, प्रो. राहत अली, हरिश्चंद्र पासवान, प्रवीण कुमार, कोमलकांत यादव, रामदेव मंडल समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व आम लोग शामिल हुए।