सरकारी अनुदानित गेहूं-चावल की कालाबाजारी, सदर प्रखंड के अतिहर पंचायत में कार्यरत जन वितरण विक्रेता पर प्राथमिकी दर्ज,गोदाम में ना के बराबर खाद्यान्न।

दस्तक 7मीडिया ,गुंजन कुमार 

दरभंगा जिला अंतर्गत  सदर प्रखंड के अतिहर पंचायत में कार्यरत जन वितरण प्रणाली (PDS) विक्रेता धीरेन्द्र मिश्र पर सरकारी अनुदानित गेहूं और चावल की कालाबाजारी के गंभीर आरोप लगे हैं।
प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी राजेश कुमार के निरीक्षण में यह खुलासा हुआ कि पोस मशीन (FPS ID – 121500100121) पर गेहूं 45,929 किलो और चावल 34,324 किलो दिखने के बावजूद, विक्रेता के गोदाम में खाद्यान्न ना के बराबर था।

 स्पष्टीकरण विफल, उच्च न्यायालय ने भी लिया संज्ञान

विक्रेता से स्पष्टीकरण मांगा गया, लेकिन उन्होंने कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया।
इसके बाद, माननीय उच्च न्यायालय पटना (CJWC नंबर-984/25) के आदेश के अनुपालन में PDS Parakh App के माध्यम से जांच की गई। जांच में पोस मशीन पर दिखाए गए खाद्यान्न और गोदाम में वास्तविक मात्रा में भारी अंतर पाया गया।

 अनुज्ञप्ति रद्द, प्राथमिकी दर्ज

अनुमंडल पदाधिकारी सदर ने दिनांक 16.09.2025 को विक्रेता धीरेन्द्र मिश्र की अनुज्ञप्ति (47/2018) को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया।
इसके साथ ही आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 7 एवं अन्य सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिक प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया गया।

अधिकारियों का संदेश

प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी राजेश कुमार ने कहा कि सरकारी अनुदानित खाद्यान्न की चोरी या कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।