घटना का विवरण
रीता देवी और उनके पति अवध किशोर गुप्ता पर उनके ही पाटीदारों ने हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि पाटीदार रीता देवी को ‘डायन’ कहकर बुलाते थे. पहले भी वे इस दंपति पर हमला करने की कोशिश कर चुके थे। सुबह दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ, जिसे गांववालों ने शांत कराया, लेकिन थोड़ी देर बाद फिर से झगड़ा शुरू हो गया। पाटीदारों ने पहले दंपति और उनकी बेटी पर चाकू से हमला किया और फिर उन्हें गोली मार दी।
मृतकों और घायलों की स्थिति
रीता देवी की लाश घर के अंदर मिली। वही अवध किशोर गुप्ता का शव खेत के पास मिला। दूसरी तरफ दंपति की बेटी को भी चाकू और गोली लगी है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस कार्रवाई
घटना के बाद गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी पाटीदार परिवार घटना के बाद से फरार है। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। यह घटना अंधविश्वास और आपसी रंजिश के कारण हुए एक खौफनाक अपराध को दर्शाती है।
