दरभंगा /संजय कुमार राय

पूर्व में स्थानांतरित किये गये पुलिसकर्मियों को अगर  पुलिस अधीक्षक बिरमित नहीं करते हैं तो ऐसे पुलिस अधीक्षकों पर कारवाई की संभावना प्रबल हो गई हैं।इस मामले में पुलिस मुख्यालय पटना ने सभी क्षेत्र के डीआईजी /आईजी को एसपी /एसएसपी से स्पष्टीकरण पूछकर मुख्यालय को प्रतिवेदन के साथ  अवगत कराने को कहा हैं।

पुलिस मुख्यालय के आदेश की बार बार हुई अवहेलना 

प्रदेश के कई पुलिस अधीक्षक इन दिनों ऐसे हैं जो डीजीपी के आदेश की अवहेलना करते रहते हैं और यह अवहेलना एक बार नहीं कई बार से करते आ रहें हैं। सरकार के आदेश को इस तरह रद्दी की टोकरी में डाल देते हैं जैसे सरकारी नियम,उसके कायदा और कानून से उन्हें मतलब नहीं हैं। दरअसल वर्षों से जमे पुलिसकर्मियों के स्थानांतरण को लेकर पुलिस मुख्यालय ने कई बार आईजी को पत्र लिखकर जिला अवधि /क्षेत्रा अवधि पूरा किये गये पुलिस कर्मियों के स्थानांतरण को लेकर पत्र लिखा। इस पत्र के आलोक में कारवाई भी हुई लेकिन बिरमित किये जानें के बावजूद कई पुलिसकर्मियों का फिर से समायोजन कर लिया गया। बिरमित करने के बाद उक्त पुलिसकर्मियों की सूची मुख्यालय तो भेज दी गई लेकिन जिसका समायोजन किया गया ,इस बात से पुलिस मुख्यालय को अवगत नहीं कराया गया और यह जवाबदेही क्षेत्र के डीआईजी /आई जी की भी थी ताकि सरकार के आदेश का अनुपालन हो सके लेकिन इस मामले में कोताही बरती गई।

समस्तीपुर ,दरभंगा एवं मधुबनी जिले की बात करें तो आज भी सात वर्ष , दस वर्षों या उससे भी अधिक वर्षों से कई पुलिसकर्मी जमे हैं।

इसी बात को पुलिस महानिदेशक ने गंभीरता से लिया हैं। डीजीपी के आदेश पर सहायक पुलिस महानिरीक्षक ने सभी इकाई प्रधान समेत राज्य के सभी डीआईजी और आईजी को पत्र लिखते हुये कहा हैं कि पूर्व में स्थानांतरित किये गये सभी पुलिसकर्मियों को बिरमित करने की दिशा में कारवाई सुनिश्चित की जाय।
दिये पत्र में स्पष्ट कहा गया हैं कि उक्त आदेश के अनुपालन में अपने क्षेत्राधीन में वैसे मामले जो स्थानांतरण आदेश के बावजूद बिरमित नहीं किया गया हैं ऐसे पुलिसकर्मियों को चिन्हित किया जाय। यही नहीं स्थानांतरण आदेश के बावजूद आदेश का अनुपालन नहीं किये जानें के लिये संबंधित पुलिस अधीक्षक से स्पष्टीकरण पूछकर उक्त प्रतिवेदन से  पुलिस मुख्यालय को उपलब्ध कराया जाय। यही नहीं उन्होंने सभी इकाई प्रधान से अनुरोध किया हैं कि इस मामले में स्थिति स्पष्ट करते हुये प्रतिवेदन उपलब्ध करायी जाय।