विद्यालय रसोईया को 10 हजार मानदेय दिया जाय,एक्टू,

मध्यान्ह भोजन से एनजीओ को बाहर किया जाय,रसोईया संघ,

विद्यालय ईसोईया को सरकारी कर्मी का दर्जा दिया जाय,एक्टू

दस्तक 7 मीडिया दरभंगा /

बिहार राज्य विद्यालय रसोईया संघ एक्टू दरभंगा का जिलाधिकारी के समक्ष संघ के जिला सचिव सुरेंदर पासवान,निभा देवी एवं श्यामा देवी के संयुक्त नेतृत्व में अपने 13 सूत्री माँगों के समर्थन में धरना स्थल पर धरना प्रदर्शन किया गया जिसे सम्बोधित करते हुए एक्टू जिला सचिव उमेश प्रसाद साह ने कहा विद्यालय रसोईया शिक्षा विभाग की अभिन्न अंग बन चुकी है,जिसे सरकार के द्वारा न्युनतम मजदूरी भी नहीं दिया जा रहा है नितीश सरकार खुद के द्वारा बनाए गए न्युनतम मजदूरी कानून का उलंघन कर रहा है हम माँग करते हैं कि रसोईया को सरकारी कर्मी का दर्जा दिया जाय। सभा को सम्बोधित करते हुए रसोईया संघ के जिला सचिव सुरेंदर पासवान ने कहा विभिन्न प्रखण्डों में रसोईया का छह माह का पिछला भुगतान नहीं दिया गया है,बिरौल की रसोईया हीरा देवी को 2022-23 का भुगतान नही दिया गया है,मृत रसोइयों को उसका मृत्य लाभ भुगतान नहीं किया गया है। खेग्रामस राष्ट्रीय परिषद सदस्य देवेंदर् कुमार ने कहा विद्यालय रसोईया को सिर्फ 10 महिना हिं भुगतान दिया जाता है,सरकार के कैलेंडर में विद्यालय रसोईया के लिए दस महीने का वर्ष है जो गलत है,रसोईया लक्ष्मी देवी ने कहा हमारी बहाली खाना बनाने के लिए हुआ है विद्यालय में हमसे झारु लगाना,कुर्शी टेबल साफ कराने का काम भी किया जाता है,हमलोगों को 3300₹ को बढाकर दस हजार मानदेय दिया जाय। रसोईया विभा देवी ने कहा किसी किसी स्कूल में रसोईया को हिं दुकान से राशन लाना परता है,रसोईया विद्यालय खोलने से लेकर विद्यालय बन्द करने तक विद्यालय का सारा काम करती है फिर भी सरकार हमलोगों के साथ न्याय नहीं कर रहा है आज के धरना प्रदर्शन में विभिन्न प्रखण्डों से दर्जनों रसोईया ने भाग लिया।