भूमिहीनों के आवास,स्कूल भवन,अस्पताल आदि के लिए जमीन नहीं,अडाणी के लिए जमीन ही जमीन,

किसानों को मुआवजे की बजाए लाठी-गोली,लेकिन काॅरपोरेटों के लिए सरकार बिछा रही मखमल।

दस्तक 7 मीडिया दरभंगा /

भाकपा-माले राज्य कमिटी सदस्य सह अखिल भारतीय किसान महासभा के राज्य सह सचिव अभिषेक कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी अपने यार अडाणी को पावर प्लांट के नाम पर भागलपुर के पीरपैंती में एक रु. की दर से 1050 एकड़ खेती की जमीन देना डबल इंजन सरकार की काॅरपोरेटों के प्रति गहरी मित्रता और पक्षपात का चरम उदाहरण है.उन्होंने आगे कहा कि इसमें घपले ही घपले हैं.कागज पर कहा गया कि यह जमीन बंजर है.लेकिन हकीकत में इस उर्वर जमीन पर 10 लाख से अधिक हरे-भरे पेड़ हैं,जिन्हें काट दिया जाएगा.यह बिहार के किसानों के साथ घोर अन्याय है.तो यह कि इस पावर प्लांट से निकलने वाली बिजली उन्हीं किसानों को फिर 6.5 रु. प्रति यूनिट की दर से बेची जाएगी.किसानों में इसके खिलाफ भारी आक्रोश है.बिहार में एक ओर सरकार के पास भूमिहीनों के आवास,स्कूल,अस्पताल आदि बनाने के लिए जमीन उपलब्ध नहीं है,वहीं दूसरी ओर अडानी जैसे पूंजीपतियों को एक रुपये प्रति एकड़ की दर से जमीन देने के लिए जमीन ही जमीन है.बिहार में भूमिहीनता बहुत अधिक है,और जिनके पास थोड़ी जमीन है,उन्हें भी अडानी को सौंप दी जा रही हैं। सरकार के इस फैसले के खिलाफ अखिल भारतीय किसान महासभा और भाकपा माले पूरे बिहार में इसका विरोध कर रही हैं। 22 सितंबर को दरभंगा में भी इसके खिलाफ लहेरियासराय पोलो मैदान से विरोध मार्च निकाला जाएगा और मोदी-अडानी का पुतला जलाया जाएगा। प्रतिवाद मार्च भाकपा माले,किसान महासभा और खेग्रामस के बैनर तले आयोजित किया गया हैं।