सुपौल जिला मुख्यालय स्थित श्री राधाकृष्ण ठाकुरबाड़ी परिसर में सोमवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बिहार की राजनीति को लेकर बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि, ‘आगामी विधानसभा चुनाव में राज्य की सभी सीटों पर गौ भक्त निर्दलीय प्रत्याशी उतारे जाएंगे।’ उन्होंने इसे राजनीति नहीं, बल्कि धर्म और सनातन संस्कृति की रक्षा का प्रयास बताया।

 

इससे पहले शंकराचार्य ने रविवार को गौ मतदाता संकल्प यात्रा की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि, ‘आज तक किसी भी राजनीतिक दल ने गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने के मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है। सनातन धर्म की रक्षा तभी संभव है जब हम गौ माता का संरक्षण करें। गौ रक्षा केवल आस्था का विषय ही नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति की आधारशिला है।’ सुपौल जिला मुख्यालय स्थित श्री राधाकृष्ण ठाकुरबाड़ी परिसर में सोमवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस।

 

सुपौल जिला मुख्यालय स्थित श्री राधाकृष्ण ठाकुरबाड़ी परिसर में सोमवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस। धर्म का कार्य, राजनीति नहीं शंकराचार्य ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य सत्ता प्राप्त करना नहीं है। उन्होंने कहा कि, ‘हम केवल लोगों को प्रेरित कर रहे हैं कि धर्म और गाय जैसे मुद्दों पर मतदान करें। हम धार्मिक व्यक्ति हैं, हमारा कर्तव्य है कि यदि समाज में कोई संकट है तो उसे दूर करने का प्रयास करें। यह धर्म का कार्य है, राजनीति नहीं।’ ‘देश में 90 करोड़ हिंदुओं की आवाज अनसुनी’ उन्होंने कहा कि, ‘आज हिंदू समाज की पहचान और सम्मान पर चोट हो रही है। देश में 90 करोड़ हिंदुओं की आवाज अनसुनी की जा रही है, जबकि अन्य वर्गों की मांगों को महत्व दिया जा रहा है।

 

यह असमानता चिंता का विषय है।’ राजनीति सत्ता प्राप्त कर करती है कल्याण की बात- शंकराचार्य उन्होंने कहा कि, ‘गौ मतदाता संकल्प यात्रा अभियान का पहला चरण है, जिसके जरिए लोगों को जागरूक किया जाएगा। नामांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद औपचारिक रूप से प्रत्याशियों की सूची घोषित की जाएगी।’ उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि, ‘धर्म और राजनीति दोनों का तरीका अलग है।

 

राजनीति सत्ता प्राप्त कर कल्याण की बात करती है, जबकि धर्म कहता है कि जो सामर्थ्य है, उसी से लोक कल्याण करो। यही शंकराचार्य की परंपरा रही है।’ कार्यक्रम स्थल पर आध्यात्मिक और सांस्कृतिक वातावरण देखने को मिला। बड़ी संख्या में उपस्थित भक्तों ने शंकराचार्य जी के संदेश को श्रद्धा और उत्साह के साथ आत्मसात किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी शैलेन्द्र योगिराज सरकार ने अभियान की विस्तृत जानकारी दी।