बिहार के उमेश कुमार बने कर्नाटक के डीजीपी,

भोजपुर में 2006 में कड़क एसपी के रूप में छोड़ी थी गहरी छाप

दस्तक 7मीडिया /

बिहार के बेटे और 1995 बैच के आईपीएस अधिकारी उमेश कुमार को कर्नाटक का पुलिस महानिदेशक (DGP) बनाया गया है। मूल रूप से बिहार के सोनपुर निवासी उमेश कुमार अपनी सख्त कार्यशैली और ईमानदार छवि के लिए जाने जाते हैं।

वर्ष 2006 में वे भोजपुर (आरा) जिले के एसपी रहे और उस दौरान जिले में कानून-व्यवस्था पर मजबूत पकड़ बनाई। बाहुबलियों और अपराध-राजनीति के गठजोड़ पर कड़ी कार्रवाई कर उन्होंने अपराधियों को जिले से पलायन तक करने पर मजबूर कर दिया था। उस समय उमेश कुमार को “कड़क एसपी” के नाम से पहचान मिली।

उनकी कार्यशैली का असर सिर्फ अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं रहा। वे भोजपुर की सांस्कृतिक संस्था ‘यवनिका’ द्वारा आयोजित बाल महोत्सव के सचिव भी बने और बच्चों में शिक्षा व संस्कृति के प्रति उत्साह जगाने में अहम योगदान दिया। खासतौर पर सहार, तरारी और एकवारी जैसे नक्सल प्रभावित इलाकों से बच्चों को सुरक्षित आयोजन तक लाना और वापस घर पहुँचाना उनकी पहल का बड़ा हिस्सा था।

आईआईटी से पढ़ाई करने वाले उमेश कुमार ने भारतीय रेलवे में भी सेवाएं दी हैं। अब कर्नाटक के डीजीपी बनने के बाद उनसे पुलिस व्यवस्था को नई दिशा देने की उम्मीद जताई जा रही है।