बिरौल थाने में नये थानाध्यक्ष चन्द्रमणि की बड़ी चुनौती: लोगों को सुरक्षा का एहसास कराना और निष्पक्ष न्याय देना ?
बिरौल थाने में नये थानाध्यक्ष चन्द्रमणि की बड़ी चुनौती: लोगों को सुरक्षा का एहसास कराना और निष्पक्ष न्याय देना ?
बिरौल थाने में नये थानाध्यक्ष चन्द्रमणि की बड़ी चुनौती: लोगों को सुरक्षा का एहसास कराना और निष्पक्ष न्याय देना ?
दस्तक7मीडिया, बिरौल (दरभंगा)
बिरौल अनुमंडल मुख्यालय थाना क्षेत्र, जो पिछले कुछ वर्षों से प्रशासन की नजर में अतिसंवेदनशील माना जा रहा है, अब नये थानाध्यक्ष चन्द्रमणि के लिए बड़ी चुनौती बनकर सामने है।
कानून-व्यवस्था संभालना, अपराधियों पर लगाम लगाना और लोगों को निष्पक्ष न्याय का भरोसा दिलाना उनके लिए सबसे अहम जिम्मेदारी होगी। यह क्षेत्र सांप्रदायिक दृष्टि से संवेदनशील रहा है, जहाँ छोटी-सी घटना भी तनाव का रूप ले सकती है। खासकर पर्व-त्योहारों और जुलूसों के दौरान शांति बनाए रखना उनके लिए परीक्षा की घड़ी होगी।
क्षेत्र में नशीले पदार्थों का कारोबार और शराब की तस्करी बड़ी समस्या है। इन गिरोहों के नेटवर्क को तोड़ना और युवाओं को लत से बचाना उनकी पहली प्राथमिकता होगी। वहीं भूमि विवादों से उत्पन्न हिंसक झड़पें और चोरी-लूट जैसी घटनाएँ भी कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बनी हुई हैं।
पिछले दिनों आवेदन देने के बाद उचित कार्रवाई न होने की शिकायतें आम रहीं हैं। ऐसे में पीड़ितों को संतोषजनक न्याय दिलाना और थाने में आने वाले विशेषकर बुजुर्ग लोगों को प्राथमिकता देना चन्द्रमणि ने अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया है।
थानाध्यक्ष ने स्पष्ट कहा है कि अपराध नियंत्रण और शराब सप्लायर्स पर नकेल कसना उनकी पहली जिम्मेदारी होगी। अब देखना यह है कि उनकी कार्यशैली किस हद तक जनता के बीच भरोसा और विश्वास कायम कर पाती है।
क्योंकि किसी भी थानाध्यक्ष के लिए सबसे बड़ी कसौटी यही होती है कि अपराधियों पर नकेल कसी जाए,आम लोग खुद को सुरक्षित महसूस करें,और बिना किसी भेदभाव के हर नागरिक को समान न्याय मिले।